न ज़रूरत है दवा की न दुआ की दोस्तों !
दिल की गहराई से ज्यादा दर्द के फोड़े गए,
रहनुमाओं की साजिशें सबको दिखाई दे गई
क़ाफ़िले जब बंद गलियों की तरफ़ मोड़े गए,
एक अदद सूरज को अपने साथ लाने के लिए
सारे लोग उस अंधेर नगरी की तरफ़ दौड़े गए,
आज हर किरचे में अपनी शक्ल आती है नज़र
जाने किस अंदाज़ से ये आईने तोड़े गए..!!
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