दिल की दुनिया में दुनिया न आये कभी

दिल की दुनिया में दुनिया न आये कभी
मेरे मौला ये दुनिया न भाये कभी,

जिस को क़ुरआँ ने मकड़ी का जाला कहा
अपनी जानिब मुझे न बुलाये कभी,

मोमिनो के लिए मिस्ल ए ज़िन्दान है
नफ़स जन्नत उसे न दिखाए कभी,

ऐसे देखो कि घर को ये नादान दिल
एक पल के लिए न बसाये कभी,

बे अमल हो मगर ऐ खुदा ज़िन्दगी
हुब ए दुनिया की ज़द में न आये कभी..!!


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