किसी ने भी तो न देखा निगाह भर के मुझे

kisi ne bhi to na dekha nigaah bhar ke mujhe

किसी ने भी तो न देखा निगाह भर के मुझे गया फिर आज का दिन भी उदास कर

ये रुके रुके से आँसू ये दबी दबी सी आहें

ye ruke ruke se aansoon ye dabi dabi see aahen

ये रुके रुके से आँसू ये दबी दबी सी आहें यूँही कब तलक ख़ुदाया ग़म ए ज़िंदगी निबाहें,

शाम ए ग़म की क़सम आज ग़मगीं हैं

shaam e gam kee qasam aaj gamgeen hain

शाम ए ग़म की क़सम आज ग़मगीं हैं हम आ भी जा आ भी जा आज मेरे सनम,

मसर्रतों को ये अहल ए हवस न खो देते

masarraton ko ye ahal e hawas na kho dete

मसर्रतों को ये अहल ए हवस न खो देते जो हर ख़ुशी में तेरे ग़म को भी समो

हम को जुनूँ क्या सिखलाते हो

hum ko junoon kya sikhlaate ho

हम को जुनूँ क्या सिखलाते हो हम थे परेशाँ तुम से ज़्यादा, चाक किए हैं हम ने अज़ीज़ो

जला के मिशअल ए जाँ हम जुनूँ सिफ़ात चले

jala ke mishaal e jahan hum junoon sifaat chale

जला के मिशअल ए जाँ हम जुनूँ सिफ़ात चले जो घर को आग लगाए हमारे साथ चले, दयार

तुझे क्या सुनाऊँ मैं दिलरुबा

tujhe kya sunaaoon main dilruba

तुझे क्या सुनाऊँ मैं दिलरुबा तेरे सामने मेरा हाल है, तेरी एक निगाह की बात है मेरी ज़िंदगी

ऐ दिल मुझे ऐसी जगह ले चल जहाँ कोई न हो

ae dil mujhe aisi jagah le chal jahan koi na ho

ऐ दिल मुझे ऐसी जगह ले चल जहाँ कोई न हो अपना पराया मेहरबाँ ना मेहरबाँ कोई न

आह ए जाँ सोज़ की महरूमी ए तासीर न देख

aah e jaan soz kee mahrumi e taaseer na dekh

आह ए जाँ सोज़ की महरूमी ए तासीर न देख हो ही जाएगी कोई जीने की तदबीर न

हमारे बाद अब महफ़िल में अफ़्साने बयाँ होंगे

humare baad ab mahfil me afsaane bayaan honge

हमारे बाद अब महफ़िल में अफ़्साने बयाँ होंगे बहारें हम को ढूँढेंगी न जाने हम कहाँ होंगे, इसी