नये कपड़े बदल कर जाऊँ कहाँ…

ab kapade badal kar jaaoon kahan

नये कपड़े बदल कर जाऊँ कहाँ और बाल बनाऊँ किस के लिए वो शख्स तो शहर ही छोड़

अपनी ख़ुद्दारी तो पामाल नहीं कर सकते

apni khuddari to pamaal nahi kar sakte

अपनी ख़ुद्दारी तो पामाल नहीं कर सकते उस का नंबर है मगर काल नहीं कर सकते, सीम जाएगा

होशियारी ये दिल ए नादान बहुत करता है

hoshiyari ye dil e nadaan

होशियारी ये दिल ए नादान बहुत करता है रंज कम सहता है पर ऐलान बहुत करता है, रात

बारहा तुझ से कहा था मुझे अपना न बना

baaraha tujh se kaa tha

बारहा तुझ से कहा था मुझे अपना न बना अब मुझे छोड़ के दुनिया में तमाशा न बना,

अब बेवजह बेसबब दिन को रात नहीं करता

ab bewajah besabab din ko

अब बेवजह बेसबब दिन को रात नहीं करता फ़ुर्सत मिले भी तो किसी से बात नहीं करता, वक़्त,

ज़ख्म ए वाहिद ने जिसे ता उम्र रुलाया हो

zakhm e waahid ne jise

ज़ख्म ए वाहिद ने जिसे ता उम्र रुलाया हो हरगिज़ ना दुखाना दिल जो चोट खाया हो, जिसे

ज़िन्दगानी के काम एक तरफ़

zindagaani ke kaam ek taraf

ज़िन्दगानी के काम एक तरफ़ अक़द का इंतज़ाम एक तरफ़, हां मुहब्बत का नाम एक तरफ़ साज़ो सामां

चमन में जब भी सबा को गुलाब पूछते हैं

chaman me jab bhi saba

चमन में जब भी सबा को गुलाब पूछते हैं तुम्हारी आँख का अहवाल ख़्वाब पूछते हैं, कहाँ कहाँ

असर उसको ज़रा नहीं होता

asar usko zara naho hota

असर उसको ज़रा नहीं होता रंज राहत फिज़ा नहीं होता, बेवफा कहने की शिकायत है तो भी वादा

शिक़स्त ए ज़र्फ़ को पिंदार ए रिंदाना नहीं कहते

shikast e zarf ko pindaar e

शिक़स्त ए ज़र्फ़ को पिंदार ए रिंदाना नहीं कहते जो मांगे से मिले हम उसको पैमाना नहीं कहते,