रेत पर लिख के मेरा नाम मिटाया न करो

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रेत पर लिख के मेरा नाम मिटाया न करो आँख सच बोलती हैं प्यार छुपाया न करो, लोग

उसे कहना बिछड़ने से मुहब्बत तो नहीं मरती

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उसे कहना बिछड़ने से मुहब्बत तो नहीं मरती बिछड़ जाना मुहब्बत की सदाकत की अलामत है मुहब्बत एक

कभी याद आऊँ तो पूछना ज़रा अपनी फ़ुर्सत ए शाम से…

कभी याद आऊँ तो

कभी याद आऊँ तो पूछना ज़रा अपनी फ़ुर्सत ए शाम से किसे इश्क़ था तेरी ज़ात से किसे

जान मेरी जान कोई और है बात मेरी मान कोई और है…

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जान मेरी जान कोई और है बात मेरी मान कोई और है, हो गया हूँ मैं किसी का

सुना है इस मुहब्बत में बहुत नुक़सान होता है…

सुना है इस मुहब्बत

सुना है इस मुहब्बत में बहुत नुक़सान होता है, महकता झूमता जीवन गमो के नाम होता है, सुना

वो जो दिल में तेरा मुक़ाम है

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वो जो दिल में तेरा मुक़ाम है किसी और को वो दिया नहीं, वो जो रिश्ता तुझसे है

तेरी आँखों के दरीचे से गुज़ारे जाते

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तेरी आँखों के दरीचे से गुज़ारे जाते तो मेरे ख़्वाब यूँ बे मौत न मारे जाते, एक रिवायत

क़यामत है कि सुन लैला का दश्त-ए-क़ैस में आना…

क़यामत है कि सुन लैला

क़यामत है कि सुन लैला का दश्त-ए-क़ैस में आना तअ’ज्जुब से वो बोला यूँ भी होता है ज़माने

चलो सागर ए इश्क़ का किनारा ढूँढे

chalo-sagar-e-ishq

चलो सागर ए इश्क़ का किनारा ढूँढे डूबने वालो के लिए सहारा ढूँढे, यूँ भी ज़माने में गम

कभी लफ्ज़ भूल जाऊँ, कभी बात भूल जाऊँ…

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कभी लफ्ज़ भूल जाऊँ कभी बात भूल जाऊँ तुझे इस क़दर चाहूँ कि अपनी ज़ात भूल जाऊँ उठ