लोग क्या से क्या न जाने हो गए

log kya se kya na jaane ho gaye

लोग क्या से क्या न जाने हो गए आज कल अपने ही बेगाने हो गए, बेसबब रहगुज़र में

दे के चुभते हुए सवाल हवा

de ke chubhate hue sawal hawa

दे के चुभते हुए सवाल हवा ले गई मेरे तीस साल हवा, पाँव धरती से उठ रहे हैं

ख़ुश्क मिट्टी में लहू की जो नमी आएगी

khushq mitti me lahoo ki jo nami aayegi

ख़ुश्क मिट्टी में लहू की जो नमी आएगी देखना बाग़ में फिर सब्ज़ परी आएगी, कट गई उम्र

मैं चुप हूँ और दुनिया सुन रही है

main chup hoon aur duniya sun rahi hai

मैं चुप हूँ और दुनिया सुन रही है ख़मोशी दास्तानें बुन रही है, तअज्जुब है कि एक सोने

हैरान हूँ नसीब की बख़्शिश को देख कर

hairan hoon nasib ki bakhshish ko dekh kar

हैरान हूँ नसीब की बख़्शिश को देख कर साए से अपने धूप में महरूम हैं शजर, क़ब्ज़े में

ज़र्द पत्तों पे मेरा नाम लिखा है उस ने

zard patton pe mera naam likha hai us ne

ज़र्द पत्तों पे मेरा नाम लिखा है उस ने सब्ज़ ख़्वाबों का ये अंजाम लिखा है उस ने,

क्या ख़बर थी ये दिन भी देखेंगे

kya khabar thi ye din bhi dekhenge

क्या ख़बर थी ये दिन भी देखेंगे ख़ून बोएँगे सब्र काटेंगे, किस को मुंसिफ़ कहें किसे क़ातिल बच

ख़ुश हूँ कि मेरा हुस्न ए तलब काम तो आया

khush hoon ki mera husn e talab kaam to aaya

ख़ुश हूँ कि मेरा हुस्न ए तलब काम तो आया ख़ाली ही सही मेरी तरफ़ जाम तो आया,

इश्क़ की चिंगारियों को फिर हवा देने लगे

ishq ki chingaariyon ko fir hawa dene lage

इश्क़ की चिंगारियों को फिर हवा देने लगे मेरे पास आ कर वो दुश्मन को दुआ देने लगे,

दिल के बहलाने की तदबीर तो है

dil ke bahlaane ki tadbeer to hai

दिल के बहलाने की तदबीर तो है तू नहीं है तेरी तस्वीर तो है, हमसफ़र छोड़ गए मुझ