देखा जो हुस्न ए यार तबीअत मचल गई

dekha jo husn e yaar tabiyat machal gayi

देखा जो हुस्न ए यार तबीअत मचल गई आँखों का था क़ुसूर छुरी दिल पे चल गई, हम

शाम से आँख में नमी सी है

shaam se aankh me nami see hai

शाम से आँख में नमी सी है आज फिर आप की कमी सी है, दफ़्न कर दो हमें

दिल में एक लहर सी उठी है अभी

dil me ek lahar see uthi hai abhi

दिल में एक लहर सी उठी है अभी कोई ताज़ा हवा चली है अभी, कुछ तो नाज़ुक मिज़ाज

हम हैं और उन की ख़ुशी है आज कल

hum hai aur un kee khushi hai aaj kal

हम हैं और उन की ख़ुशी है आज कल ज़िंदगी ही ज़िंदगी है आज कल, ग़म का हर

उदासी आसमाँ है दिल मेरा कितना अकेला है

udaasi aasmaan hai dil mera kitna akela hai

उदासी आसमाँ है दिल मेरा कितना अकेला है परिंदा शाम के पुल पर बहुत ख़ामोश बैठा है, मैं

लहरा के झूम झूम के ला मुस्कुरा के ला

lahra ke jhoom jhoom ke laa muskura ke laa

लहरा के झूम झूम के ला मुस्कुरा के ला फूलों के रस में चाँद की किरनें मिला के

मेरे ही लहू पर गुज़र औक़ात करो हो

mere hi lahoo par guzar auqaat karo ho

मेरे ही लहू पर गुज़र औक़ात करो हो मुझ से ही अमीरों की तरह बात करो हो, दिन

रंग पैराहन का ख़ुशबू ज़ुल्फ़ लहराने का नाम

rang parahan ka khushboo zulf lahrane ka naam

रंग पैराहन का ख़ुशबू ज़ुल्फ़ लहराने का नाम मौसम ए गुल है तुम्हारे बाम पर आने का नाम,

वो शख़्स कि मैं जिस से मोहब्बत नहीं करता

wo shakhs ki main jis se mohabbat nahi karta

वो शख़्स कि मैं जिस से मोहब्बत नहीं करता हँसता है मुझे देख के नफ़रत नहीं करता, पकड़ा

ये तो नहीं कि तुम से मोहब्बत नहीं मुझे

ye to nahi ki tum se mohabbat nahi mujhe

ये तो नहीं कि तुम से मोहब्बत नहीं मुझे इतना ज़रूर है कि शिकायत नहीं मुझे, मैं हूँ