जैसे कोई रब्त नहीं हो जैसे हों अनजाने लोग

jaise koi rabt nahi ho jaise ho anjane log

जैसे कोई रब्त नहीं हो जैसे हों अनजाने लोग क्या से क्या हो जाते हैं अक्सर जाने पहचाने

अपनी आँखें हैं और तुम्हारे ख़्वाब

apni ankhen hain aur tumhare khwab

अपनी आँखें हैं और तुम्हारे ख़्वाब कितने पुर कैफ़ हैं हमारे ख़्वाब, उन के हक़ में बड़ा सहारा

वो संगदिल तो फ़क़त देखने से टूट गए

wo sangdil to faqat dekhne se toot gaye

वो संगदिल तो फ़क़त देखने से टूट गए ये देखने में हमारे पसीने छूट गए, उन्हें हमारे सिवा

दिल इतना खो गया आराइशों में

dil itna kho gaya aaraaeesho me

दिल इतना खो गया आराइशों में तेरी ख़्वाहिश नहीं है ख़्वाहिशों में, तेरी यादें हैं और आँसू हमारे

किस तरफ़ क़ाफ़िला जाना है कहाँ देखते हैं

kis taraf kafila jana hai kahan dekhte hain

किस तरफ़ क़ाफ़िला जाना है कहाँ देखते हैं हम तो बस आप के पैरों के निशाँ देखते हैं,

हाथ आँखों पे रख लेने से ख़तरा नहीं जाता

haath aankhon pe rakh lene se khatra nahi jaata

हाथ आँखों पे रख लेने से ख़तरा नहीं जाता दीवार से भौंचाल को रोका नहीं जाता, दावों की

खुला है झूठ का बाज़ार आओ सच बोलें

khula hai jhooth ka bazar aao sach bolen

खुला है झूठ का बाज़ार आओ सच बोलें न हो बला से ख़रीदार आओ सच बोलें, सुकूत छाया

रखा नहीं था तू ने मेरा दिल सँभाल कर

rakha nahi tha tu ne mera dil sambhal kar

रखा नहीं था तू ने मेरा दिल सँभाल कर अब कुछ न कर सकेगा लिहाज़ा मलाल कर, रक़्साँ

जनाब ए आली बिछड़ने की कोई बात नहीं

janab e aali bichhadne kee koi baat nahi

जनाब ए आली बिछड़ने की कोई बात नहीं हमारे सीने में एक दिल है पाँच सात नहीं, बहुत

हाकिम ए शहर के अंदाज़ हैं हिंदा जैसे

haqim e shahar ke andaz hai hinda jaise

हाकिम ए शहर के अंदाज़ हैं हिंदा जैसे हम तो हाथों में थमा देंगे कलेजा जैसे, सख़्त मुश्किल