सियासी महाभारत में इसके पात्र सारे आ गए

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सियासी महाभारत में इसके पात्र सारे आ गए योगगुरु भागे कहीं तो कहीं अन्ना हजारे आ गए, ठाकरे

शाम को जिस वक़्त ख़ाली हाथ घर जाता हूँ मैं

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शाम को जिस वक़्त ख़ाली हाथ घर जाता हूँ मैं मुस्कुरा देते है बच्चे और मर जाता हूँ

कुछ अधूरी हसरतें अश्क ए रवाँ में बह गए

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कुछ अधूरी हसरतें अश्क ए रवाँ में बह गए क्या कहें इस दिल की हालत, शिद्दत ए गम

तुम्हे पूजता था दीया वो बुझा दूँ

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तुम्हे पूजता था दीया वो बुझा दूँ तुम्हारे बिना भी दुनियाँ बसा दूँ, सुनो इश्क़ में अब यही

ज़माना आया है बेहिजाबी का आम दीदार ए यार होगा

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ज़माना आया है बेहिजाबी का आम दीदार ए यार होगा सुकूत था पर्दादार जिसका वो राज़ अब आश्कार

जाने किस करनी का फल होगा

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जाने किस करनी का फल होगा कैसी फिजा, कैसे मौसम में जागे हम ? शहरों से सेहराओ तक

ना मस्ज़िदे ना शिवाले तलाश करते है

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ना मस्ज़िदे ना शिवाले तलाश करते है ये भूखे पेट निवाले तलाश करते है, हमारी सादा दिली देखो

तुम्हारे हिज़्र में है ज़िन्दगी दुश्वार बरसो से

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तुम्हारे हिज़्र में है ज़िन्दगी दुश्वार बरसो से तुम्हे मालूम क्या तुम हो समन्दर पार बरसों से, चले

राहत ए जाँ से तो ये दिल का वबाल अच्छा है

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राहत ए जाँ से तो ये दिल का वबाल अच्छा है उस ने पूछा तो है इतना तेरा

किस ओर ये सफ़र है, संभल जाइए

kis-or-ye-safar

किस ओर ये सफ़र है, संभल जाइए कौन कब किस डगर है, संभल जाइए, नेक रस्ते पे चलते