अँधेरा सफ़र है ख़बरदार रहना…

अँधेरा सफ़र है ख़बरदार रहना
लुटेरा शहर है ख़बरदार रहना,

गला काटतें है बड़ी सादगी से
ये इनका हुनर है ख़बरदार रहना,

गज़ल कह रहे हो जो कम काफ़ियो की
कठिन ये बहर है ख़बरदार रहना,

हुई बर्फ़ बारी ये ठंडी हवाएँ
उसी का असर है ख़बरदार रहना,

यहाँ सल्तनत है घनी तीरगी की
जो तंग ए नज़र है ख़बरदार रहना..!!


Discover more from Hindi Gazals :: हिंदी ग़ज़लें - A Huge collection of Hindi/Urdu Ghazals :: हिंदी/उर्दू ग़ज़लों का विशाल संग्रह

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Leave a Reply