ऐब ये है कि अपने बारे में कम सोचते हो
मैं नहीं जो सोचते हो तो बस हम सोचते है,
है तुम्हे भी हासिल ज़माने भर की खुशियाँ
लेकिन तुम जब सोचते हो तो गम सोचते हो,
हर दिन तामीर तो करते हो नए ख़्वाब को
हर रात क्यूँ नहीं उठा था क़दम सोचते हो,
एक तरफ़ ज़िगर रखते हो पत्थर पिघलाने का
दूसरी तरफ़ क्यूँ मिला दिल नरम सोचते हो..!!
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