कुछ भी उन पर असर नहीं देखा

कुछ भी उन पर असर नहीं देखा
इश्क़ सा बे हुनर नहीं देखा,

उन के जोबन को देख लिया जिस ने
सर्व को बारवर नहीं देखा,

एक बिजली नज़र में कौंद गई
उन को देखा मगर नहीं देखा,

जो किसी दूसरे के साथ चले
हम ने वो हमसफ़र नहीं देखा,

ख़ाक छानी जहान की क्या क्या
कोई अहल ए नज़र नहीं देखा,

हम ने अज़हर को लाख समझाया
फिर भी उस पर असर नहीं देखा..!!

~ए. डी. अज़हर

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