रूबरू हो कर भी इस ज़माने में
किसी पे ऐतबार कहाँ करते है लोग ?
मतलबपरस्तो की इस दुनियाँ में
बेलौस प्यार कहाँ करते है लोग ?
मसलहत और खुदगर्ज़ी ना हो
शामिल तो याद कहाँ करते है लोग ?
खाने में नमक की हो जैसे ज़रूरत
वैसे ही यहाँ इस्तेमाल करते है लोग..!!
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