रूबरू हो कर भी इस ज़माने में

रूबरू हो कर भी इस ज़माने में
किसी पे ऐतबार कहाँ करते है लोग ?

मतलबपरस्तो की इस दुनियाँ में
बेलौस प्यार कहाँ करते है लोग ?

मसलहत और खुदगर्ज़ी ना हो
शामिल तो याद कहाँ करते है लोग ?

खाने में नमक की हो जैसे ज़रूरत
वैसे ही यहाँ इस्तेमाल करते है लोग..!!


Discover more from Hindi Gazals :: हिंदी ग़ज़लें - A Huge collection of Hindi/Urdu Ghazals :: हिंदी/उर्दू ग़ज़लों का विशाल संग्रह

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Subscribe

Leave a Reply