मुहब्बत सीप का मोती, बहर की पैकरानी है

कौन कहता है मुहब्बत बस एक कहानी है
मुहब्बत तो सहीफ़ा है, मुहब्बत आसमानी है,

मुहब्बत को खुदारा तुम कभी भी झूठ न समझो
मुहब्बत मोअजज़ा है मोअजज़ो की तर्ज़ुमानी है,

मुहब्बत फूल की ख़ुशबू मुहब्बत तितलियों का रंग
मुहब्बत पर्वतो की झील का शफ्फाक़ पानी है,

मुहब्बत एक सितारा है, वफ़ा का इस्तआरा है
मुहब्बत सीप का मोती, बहर की पैकरानी है,

ज़मीं वालो बताओ किस तरह समझे मुहब्बत को
मुहब्बत तो ज़मीं पर आसमानों की निशानी है,

मुहब्बत रौशनी है, रंग है, ख़ुशबू है, नगमा है
मुहब्बत उड़ता पंक्षी है, मुहब्बत बहता पानी है,

मुहब्बत माँओ का आँचल, मुहब्बत भाई की चाहत
मुहब्बत खेलता बच्चा है, और चढ़ती जवानी है,

मुहब्बत हक़ का कलमा है, मुहब्बत चासनी मन की
मुहब्बत रूह का मरहम, दिलो की हुक्मरानी है,

मुहब्बत तो अज़ल से है, मुहब्बत ताअब्द होगी
मुहब्बत तो आफ़ाकी है, ज़मानी न मकानी है,

फ़ना हो जाएगी दुनियाँ, फ़ना हो जाएँगे हम तुम
फ़क़त बाक़ी मुहब्बत है, मुहब्बत जावेदानी है..!!


Discover more from Hindi Gazals :: हिंदी ग़ज़लें - A Huge collection of Hindi/Urdu Ghazals :: हिंदी/उर्दू ग़ज़लों का विशाल संग्रह

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Leave a Reply