चराग़ ख़ुद ही बुझाया बुझा के छोड़ दिया

charag khud hi bujhaya

चराग़ ख़ुद ही बुझाया बुझा के छोड़ दिया वो ग़ैर था उसे अपना बना के छोड़ दिया, हज़ार

कुटिया में कौन आएगा इस तीरगी के साथ

kutiya me kaun ayega

कुटिया में कौन आएगा इस तीरगी के साथ अब ये किवाड़ बंद करो ख़ामोशी के साथ, साया है

बुरा बुरे के अलावा भला भी होता है

bura bure ke alawa

बुरा बुरे के अलावा भला भी होता है हर आदमी में कोई दूसरा भी होता है, तुम अपने

गिरजा में मंदिरों में अज़ानों में बट गया

girja me mandiron me

गिरजा में मंदिरों में अज़ानों में बट गया होते ही सुब्ह आदमी ख़ानों में बट गया, एक इश्क़

अजल होती रहेगी इश्क़ कर के मुल्तवी कब तक

azal hoti rahegi ishq

अजल होती रहेगी इश्क़ कर के मुल्तवी कब तक मुक़द्दर में है या रब आरज़ू ए ख़ुदकुशी कब

जो हमारे सफ़र का क़िस्सा है

jo hamare safar ka

जो हमारे सफ़र का क़िस्सा है वो तेरी रहगुज़र का क़िस्सा है, सुब्ह तक ख़त्म हो ही जाएगा

जवानी ज़िंदगानी है न तुम समझे न हम समझे

jawani zindagani hai na

जवानी ज़िंदगानी है न तुम समझे न हम समझे ये एक ऐसी कहानी है न तुम समझे न

सादगी तो हमारी ज़रा देखिए एतिबार आप के वादे पर कर लिया

saadgi to hamari zara

सादगी तो हमारी ज़रा देखिए एतिबार आप के वादे पर कर लिया बात तो सिर्फ़ एक रात की

बिछड़ के उन के हम इस एहतिमाल से भी गए

bichhad ke un ke

बिछड़ के उन के हम इस एहतिमाल से भी गए बयान ए ग़म से गए अर्ज़ ए हाल

जज़्बात का ख़ामोश असर देख रहा हूँ

jazbaat ka khamosh asar

जज़्बात का ख़ामोश असर देख रहा हूँ बेचैन है दिल आँख को तर देख रहा हूँ, ख़ाकिस्तर ए