हज़ार रंज हो दिल लाख दर्द मंद रहे

hazar-ranj-ho-dil-laakh-dard-mand-rahe

हज़ार रंज हो दिल लाख दर्द मंद रहे ख़याल पस्त न हो हौसला बुलंद रहे, ग़म ए फ़िराक़

रुख़ हर एक तीर ए नज़र का है मेरे दिल की तरफ़

rukh-har-ek-teer-e-nazar-ka-hai-mere-dil-kee-taraf

रुख़ हर एक तीर ए नज़र का है मेरे दिल की तरफ़ आने वाले आ रहे हैं अपनी

मोहब्बत एहतिमाम ए दार भी है

mohabbat-ehtimam-e-daar-bhi-hai

मोहब्बत एहतिमाम ए दार भी है मोहब्बत मिस्र का बाज़ार भी है, मोहब्बत मुस्तक़िल आज़ार भी है ये

एक बिखरते आशियाँ की बात है

ek bikharte aashiyaan kee baat hai

एक बिखरते आशियाँ की बात है एक शिकस्ता साएबाँ की बात है, मेरे माथे के निशाँ की बात

दुई का तज़्किरा तौहीद में पाया नहीं जाता

duee-ka-tazkira-tauhid-me-paya-nahi-jaata

दुई का तज़्किरा तौहीद में पाया नहीं जाता जहाँ मेरी रसाई है मेरा साया नहीं जाता, मेरे टूटे

किसे अपना बनाएँ कोई इस क़ाबिल नहीं मिलता

kise-apna-banayen-koi-is-qaabil-nahin-milta

किसे अपना बनाएँ कोई इस क़ाबिल नहीं मिलता यहाँ पत्थर बहुत मिलते हैं लेकिन दिल नहीं मिलता, मोहब्बत

ख़ुदा जब तक न चाहे आदमी से कुछ नहीं होता

khuda-jab-tak-na-chahe-aadmi-se-kuch-nahin-hota

ख़ुदा जब तक न चाहे आदमी से कुछ नहीं होता मुझे मालूम है मेरी ख़ुशी से कुछ नहीं

ये तुझ से आश्ना दुनिया से बेगाने कहाँ जाते

ye-tujh-se-aashna-duniya-se-begaane-kahan-jaate

ये तुझ से आश्ना दुनिया से बेगाने कहाँ जाते तेरे कूचे से उठते भी तो दीवाने कहाँ जाते,

जिस को इतना चाहा मैं ने जिस को ग़ज़ल में लिखा चाँद

jis ko itna chaha main ne jis ko gazal me likha chaand

जिस को इतना चाहा मैं ने जिस को ग़ज़ल में लिखा चाँद छोड़ गया है मुझ को कैसे

जिसे ख़ुद से जुदा रखा नहीं है

jise khud se judaa rakha nahin hai

जिसे ख़ुद से जुदा रखा नहीं है वो मेरा है मगर मेरा नहीं है, जिसे खोने का मुझ