आओ बाँट ले सब दर्द ओ अलम…

aao baant le sab dard o alam

आओ बाँट ले सब दर्द ओ अलम कुछ तुम रख लो, कुछ हम रख ले अब पोंछ ले

वो मेरे हाल पे रोया भी मुस्कुराया भी…

wo mere haal pe roya bhi muskuraya bhi

वो मेरे हाल पे रोया भी मुस्कुराया भी अजीब शख़्स है अपना भी है पराया भी, ये इंतिज़ार

फ़साना अब कोई अंजाम पाना चाहता है…

fasana ab koi anzam pana chahta hai

फ़साना अब कोई अंजाम पाना चाहता है तअल्लुक़ टूटने को एक बहाना चाहता है, जहाँ एक शख़्स भी

बारिश के क़तरे के दुख से ना वाक़िफ़ हो…

barish ke qatre ke dukh se na waqif ho

बारिश के क़तरे के दुख से ना वाक़िफ़ हो तुम हँसते चेहरे के दुख से ना वाक़िफ़ हो,

खुल के मिलने का सलीक़ा उन्हें आता नहीं…

khul kar milne ka saliqa unhe aata nahi

खुल के मिलने का सलीक़ा उन्हें आता नहीं और मेरे क़रीब तो कोई चोर दरवाज़ा नहीं, वो समझते

वो दिल की झील में उतरा था एक साअ’त को…

wo dil ki jheel me utra tha ek

वो दिल की झील में उतरा था एक साअ’त को ये उम्र हो गई है सहते इस मलामत

ग़ैरत ए इश्क़ सलामत थी अना ज़िंदा थी…

gairat e ishq slamat thi ana zinda thi

ग़ैरत ए इश्क़ सलामत थी अना ज़िंदा थी वो भी दिन थे कि रह ओ रस्म ए वफ़ा

उसे हम पा ही लेते बस ज़रा सा और चलते तो…

use ham paa hi lete bas zara saa aur chalte to

उसे हम पा ही लेते बस ज़रा सा और चलते तो सफ़र आसान था लेकिन ज़रा रस्ते संभलते

तिनका तिनका काँटे तोड़े सारी रात कटाई की…

tinka tinka kaante tode saari raat karai ki

तिनका तिनका काँटे तोड़े सारी रात कटाई की क्यूँ इतनी लम्बी होती है चाँदनी रात जुदाई की ?

शाम से आज साँस भारी है…

shaam se aaj saans bhari hai

शाम से आज साँस भारी है बे क़रारी सी बे क़रारी है, आपके बाद हर घड़ी हमने आपके