ये चुभन अकेलेपन की, ये लगन उदास शब से…

ye chubhan akelepan ki

ये चुभन अकेलेपन की, ये लगन उदास शब से मैं हवा से लड़ रहा हूँ, तुझे क्या बताऊँ

अब इस मकाँ में नया कोई दर नहीं करना…

andhera zehan ka samt e safar jab khone lagta hai

अब इस मकाँ में नया कोई दर नहीं करना ये काम सहल बहुत है मगर नहीं करना, ज़रा

छोड़ो अब उस चराग़ का चर्चा बहुत हुआ…

ae dil ye teri zidd mujhe nadaani lagti hai

छोड़ो अब उस चराग़ का चर्चा बहुत हुआ अपना तो सब के हाथों ख़सारा बहुत हुआ, क्या बेसबब

ज़िंदगी तुझ को भुलाया है बहुत दिन हमने…

zindagi tujhko bhulaya hai bahut din hamne

ज़िंदगी तुझ को भुलाया है बहुत दिन हमने वक़्त ख़्वाबों में गँवाया है बहुत दिन हमने, अब ये

अगर सफ़र में मेरे साथ मेरा यार चले…

agar safar me mere saath mera yaar chale

अगर सफ़र में मेरे साथ मेरा यार चले तवाफ़ करता हुआ मौसम ए बहार चले, लगा के वक़्त

ले गया दिल में दबा कर राज़ कोई…

le gaya dil me daba kar raaz koi

ले गया दिल में दबा कर राज़ कोई पानियों पे लिख गया आवाज़ कोई, बाँध कर मेरे परो

सता लें हमको दिलचस्पी जो है उनकी सताने में…

sata le hamko jo dilchaspi hai unhe hamko satane me

सता लें हमको दिलचस्पी जो है उनकी सताने में हमारा क्या वो हो जाएँगे रुस्वा ख़ुद ज़माने में,

अश्क ओ खूं घुलते है तब दीदा ए तर बनती है…

ashk o khoo ghulte hai tab deeda e tar banti hai

अश्क ओ खूं घुलते है तब दीदा ए तर बनती है दास्ताँ इश्क़ में मरने से अमर बनती

सभी कहें मेरे गम ख़्वार के अलावा भी…

koi to baat karo yaar ke alawa bhi

सभी कहें मेरे गम ख़्वार के अलावा भी कोई तो बात करो यार के अलावा भी, बहुत से

हर मुलाक़ात में लगते हैं वो बेगाने से…

har mulaqat me lagte hai wo begane se

हर मुलाक़ात में लगते हैं वो बेगाने से फ़ाएदा क्या है भला ऐसों के याराने से, कुछ जो