शब ए हिज्राँ की तवालत से घबरा गया हूँ मैं

shab-e-hizraan-kee

शब ए हिज्राँ की तवालत से घबरा गया हूँ मैं उसके अंदाज़ ए मुहब्बत से घबरा गया हूँ

कुछ बात है कि आज ख्याल ए यार आया

kuch-baat-hai-ki

कुछ बात है कि आज ख्याल ए यार आया एक बार नहीं बल्कि बार बार आया, भूल चुका

न जाने कैसा जादू कर गई है तेरी मुक़द्दस आँखे

na-jaane-kaisa-jaadoo

न जाने कैसा जादू कर गई है तेरी मुक़द्दस आँखे तेरे सिवा और किसी की तरफ़ अब देखा

उदास एक मुझी को तो कर नही जाता

udas-ek-mujhi-ko

उदास एक मुझी को तो कर नही जाता वह मुझसे रुठ के अपने भी घर नही जाता, वह

क्या सरोकार अब किसी से मुझे

kya-sarokar-ab-kisi

क्या सरोकार अब किसी से मुझे वास्ता था तो था बस तुझी से मुझे, बेहिसी का भी अब

रखा न अब कहीं का दिल ए बेक़रार ने

rakha-na-ab-kahin

रखा न अब कहीं का दिल ए बेक़रार ने बर्बाद कर दिया ग़म ए बे इख़्तियार ने, दिल

तमन्ना दो दिलों की एक ही मालूम होती है

tamanna-do-dilo-ki

तमन्ना दो दिलों की एक ही मालूम होती है अब उनकी हर ख़ुशी अपनी ख़ुशी मालूम होती है,

इश्क़ कर के मुक़र गई होगी…

ishq-kar-ke-muqar

इश्क़ कर के मुक़र गई होगी वो तो लड़की है डर गई होगी, आदतें सब ख़राब कर के

बाद मरने के मेरे किसी केलब पे तो मेरा नाम होगा

baad-marne-ke-mere

बाद मरने के मेरे किसी केलब पे तो मेरा नाम होगा मातम होगा कहीं, कहीं शहनाइयों का एहतिमाम

आग बहते हुए पानी में लगाने आई

aag-bahte-hue-paani

आग बहते हुए पानी में लगाने आई तेरे ख़त आज मैं दरिया में बहाने आई, फिर तेरी याद