यहाँ किसे ख़बर है कि ये उम्र बस

yahan-kise-khabar-hai

यहाँ किसे ख़बर है कि ये उम्र बस इसी पे गौर करने में कट रही है, कि ये

वो जो दिख रहा है सच हो ये ज़रूरी तो नहीं है

wo-jo-dikh-raha-hai

वो जो दिख रहा है सच हो ये ज़रूरी तो नहीं है वो जो तुम कहते हो हक़

जो पूछती हो तो सुनो ! कैसे बसर होती है

jo-puchti-ho-to

जो पूछती हो तो सुनो ! कैसे बसर होती है रात खैरात की, सदके की सहर होती है,

चेहरा देखें तेरे होंठ और पलकें देखे

chehra-dekhen-tere-honth

चेहरा देखें तेरे होंठ और पलकें देखे दिल पे आँखे रखे और तेरी साँसे देखें, सुर्ख लबो से

अज़ीब ख़्वाब था उसके बदन पे काई थी

azib-khwab-tha-uske

अज़ीब ख़्वाब था उसके बदन पे काई थी वो एक परी जो मुझे सब्ज़ करने आई थी, वो

शबनम है कि धोखा है कि झरना है कि तुम हो

shabnam-hai-ki-dhokha

शबनम है कि धोखा है कि झरना है कि तुम हो दिल दश्त में एक प्यास तमाशा है

उधर की शय इधर कर दी गई है

udhar-ki-shay-idhar

उधर की शय इधर कर दी गई है ज़मीं ज़ेर ओ ज़बर कर दी गई है, ये काली

तुम साथ चले थे तो मेरे साथ चला दिन

tum-saath-chale-the

तुम साथ चले थे तो मेरे साथ चला दिन तुम राह से बिछड़े थे कि बस डूब गया

क़दम रखता है जब रास्तो पे यार आहिस्ता आहिस्ता

qadam-rakhta-hai-jab

क़दम रखता है जब रास्तो पे यार आहिस्ता आहिस्ता तो छट जाता है सब गर्द ओ ग़ुबार आहिस्ता

खफ़ा मत हो अभी तो प्यार के दिन है

khafa-mat-ho-abhi

खफ़ा मत हो अभी तो प्यार के दिन है इब्तिदा ए मुहब्बत में अभी मल्हार के दिन है,