अपने लिए रहा कभी उस के रहा ख़िलाफ़

apne liye raha kabhi

अपने लिए रहा कभी उस के रहा ख़िलाफ़ मेरा मिज़ाज सब के लिए एक सा ख़िलाफ़, ऐसे भी

जलता रहा मैं रात की तन्हाइयों के साथ

jalta raha main raat

जलता रहा मैं रात की तन्हाइयों के साथ और तुम रहे हो सुब्ह की रानाइयों के साथ, ऐ

दिल में बस जान सा मैं रहता हूँ

dil me bas jaan

दिल में बस जान सा मैं रहता हूँ ख़ुद में मेहमान सा मैं रहता हूँ, कितने आबाद दिल

इश्क़ की राह में यूँ हद से गुज़र मत जाना

ishq ki raah me

इश्क़ की राह में यूँ हद से गुज़र मत जाना हों घड़े कच्चे तो दरिया में उतर मत

फूल से मासूम बच्चों की ज़बाँ हो जाएँगे

phool se masum bachcho

फूल से मासूम बच्चों की ज़बाँ हो जाएँगे मिट भी जाएँगे तो हम एक दास्ताँ हो जाएँगे, मैंने

सुनो ये ग़म की सियह रात जाने वाली है

suno ye gam ki

सुनो ये ग़म की सियह रात जाने वाली है अभी अज़ान की आवाज़ आने वाली है, तुझे यक़ीन

रंग ओ बू के जहाँ के थे ही नहीं

rang o boo ke

रंग ओ बू के जहाँ के थे ही नहीं इस ज़मीं आसमाँ के थे ही नहीं, राह ओ

दुश्मनों से रह ख़फ़ा एक हद तलक

dushmanon se rah khafa

दुश्मनों से रह ख़फ़ा एक हद तलक दोस्तों से भी निभा एक हद तलक, हम निवाला हम पियाला

कोई दुश्मन भला भाता किसे है

koi dushman bhala bhaata

कोई दुश्मन भला भाता किसे है बनाना दोस्त भी आता किसे है फ़ना हो कर बक़ा पाता है

हम तो शायद यहाँ के थे ही नहीं

ham to shayad yahan ke

हम तो शायद यहाँ के थे ही नहीं इस ज़मीं आसमाँ के थे ही नहीं, तन्हा तन्हा ही