तुम्हारे आँसू कभी बहने न देंगे

tumhare aansoo kabhi bahne na denge

तुम्हारे आँसू कभी बहने न देंगे तुम्हे इस तरह उदास रहने न देंगे, तेरी नज़रों में हम बेवफ़ा

क्या करे मेरी मसीहाई भी करने वाला ?

kya kare meri masihaai bhi karne wala

क्या करे मेरी मसीहाई भी करने वाला ? ज़ख़्म ही ये मुझे लगता नहीं भरने वाला, ज़िंदगी से

मैं शाख़ से उड़ा था सितारों की आस में

main shaakh se uda tha sitaron ki

मैं शाख़ से उड़ा था सितारों की आस में मुरझा के आ गिरा हूँ मगर सर्द घास में,

क्या ? खज़ूर के पेड़ो में झुकाव आ गया

kya khazoor ke pedo me jhukaav aa gaya

क्या ? खज़ूर के पेड़ो में झुकाव आ गया ज़नाब ! लगता है शहर में चुनाव आ गया,

गुलामी में काम आती शमशीरें न तदबीरें

gulami me kaam aati shamshiren

गुलामी में काम आती शमशीरें न तदबीरें जो हो ज़ौक ए यकीं पैदा तो कट जाती हैं जंज़ीरें,

लोग क्या ख़ूब वफ़ाओ का सिला देते है

log kya khoob wafaaon ka sila dete hain

लोग क्या ख़ूब वफ़ाओ का सिला देते है ज़िन्दगी के हर मोड़ पे ज़ख्म नया देते है, कैसे

दिल के हर दर्द ने अशआर में ढलना चाहा

dil ke har dard ne ashaar me dhalna chaha

दिल के हर दर्द ने अशआर में ढलना चाहा अपना पैराहन ए बे रंग बदलना चाहा, कोई अनजानी

कोई सनम तो हो कोई अपना ख़ुदा तो हो

koi sanam to ho koi apna khuda to ho

कोई सनम तो हो कोई अपना ख़ुदा तो हो इस दश्त ए बेकसी में कोई आसरा तो हो,

अक्स हर रोज़ किसी ग़म का पड़ा करता है

aks har roz kisi gam ka pada karta hai

अक्स हर रोज़ किसी ग़म का पड़ा करता है दिल वो आईना कि चुप चाप तका करता है,

घटती बढ़ती रौशनियों ने मुझे समझा नहीं

ghatti badhti raushniyo ne mujhe

घटती बढ़ती रौशनियों ने मुझे समझा नहीं मैं किसी पत्थर किसी दीवार का साया नहीं, जाने किन रिश्तों