नेक बच्चे दिल से करते हैं अदब उस्ताद का

नेक बच्चे दिल से

नेक बच्चे दिल से करते हैं अदब उस्ताद का बाप की उल्फ़त से बेहतर है ग़ज़ब उस्ताद का,

फ़लक का हर सितारा रात की आँखों का मोती है

फ़लक का हर सितारा

फ़लक का हर सितारा रात की आँखों का मोती है जिसे शबनम सहर की शोख़ किरनों में पिरोती

बेख़बर दुनिया को रहने दो ख़बर करते हो क्यूँ

बेख़बर दुनिया को रहने

बेख़बर दुनिया को रहने दो ख़बर करते हो क्यूँ दोस्तो मेरे दुखों को मुश्तहर करते हो क्यूँ ?

कभी फूलों कभी खारों से बचना

कभी फूलों कभी खारों

कभी फूलों कभी खारों से बचना कभी रक़ीब कभी यारों से बचना, जान बुझ कर धोखा न खा

हमारे जैसे तुम्हे ख़राबो में मिलेंगे

हमारे जैसे तुम्हे ख़राबो

हमारे जैसे तुम्हे ख़राबो में मिलेंगे धुल पड़ी कहीं किताबो में मिलेंगे, ज़फागर से किये वफ़ाओ में मिलेंगे

ये किसका कर रहा है इंतज़ार आदमी

ये किसका कर रहा

ये किसका कर रहा है इंतज़ार आदमी जब ख़ुद ही ला सकता है बहार आदमी, मिलता नहीं मुफ़्त

दर्द हो या कि रंज़ ओ गम हर हाल में मुस्कुराते चलो

दर्द हो या कि

दर्द हो या कि रंज़ ओ गम हर हाल में मुस्कुराते चलो गैरों की ख़ुशी की खातिर रस्म

ये दौर ए ख़िरद है दौर ए जुनूँ

ये दौर ए ख़िरद

ये दौर ए ख़िरद है दौर ए जुनूँ इस दौर में जीना मुश्किल है अँगूर की मय के

कभी ख़ुद कभी औरो को हटाते रहिए

कभी ख़ुद कभी औरो

कभी ख़ुद कभी औरो को हटाते रहिए बस यूँ ही रास्तो को सहल बनाते रहिए, कही उठ जाइए

कौन आता है बुझाने प्यास प्यासा देख कर

कौन आता है बुझाने

कौन आता है बुझाने प्यास प्यासा देख कर घर चले जाते है सब के सब तमाशा देख कर,