मेरी ख़ातिर देर न करना और सफ़र करते जाना

meri khatir der na karna aur safar karte jaana

मेरी ख़ातिर देर न करना और सफ़र करते जाना लेकिन छोड़ के जाने वालो एक नज़र करते जाना,

जज़्बा ए शौक़ को इस तौर उभारा जाए

jazba e shauk ko is taur ubhaara jaaye

जज़्बा ए शौक़ को इस तौर उभारा जाए हम जिधर जाएँ उधर उन का नज़ारा जाए, आपसी रिश्तों

मैं ने कब अपनी वफ़ाओं का सिला माँगा था

main ne kab apni wafaaon ka sila maanga tha

मैं ने कब अपनी वफ़ाओं का सिला माँगा था एक तबस्सुम ही तेरा बहर ए ख़ुदा माँगा था,

ज़बाँ का पास है तो क़ौल सब निभाने हैं

zabaan ka paas hai to qaul sab nibhaane hain

ज़बाँ का पास है तो क़ौल सब निभाने हैं अगर मुकरने पे आऊँ तो सौ बहाने हैं, तीर

रंग हवा से छूट रहा है मौसम ए कैफ़ ओ मस्ती है

rang hawa se choot raha hai mausam e qaif o masti hai

रंग हवा से छूट रहा है मौसम ए कैफ़ ओ मस्ती है फिर भी यहाँ से हद्द ए

जितने वहशी हैं चले जाते हैं सहरा की तरफ़

jitne wahashi hai chale jaate hai sahra kee taraf

जितने वहशी हैं चले जाते हैं सहरा की तरफ़ कोई जाता ही नहीं ख़ेमा ए लैला की तरफ़,

ऐब ये है कि अपने बारे में कम सोचते हो

aeb ye hai ki apne baare me kam sochte ho

ऐब ये है कि अपने बारे में कम सोचते हो मैं नहीं जो सोचते हो तो बस हम

ये मोहब्बत अगर ज़रूरत है

ye mohabbat agar zarurat hai

ये मोहब्बत अगर ज़रूरत है ये ज़रूरत भी तो मोहब्बत है, मेरा भी दिल नहीं था रुकने का

उस ने यूँ रास्ता दिया मुझ को

us ne yun raasta diya mujh ko

उस ने यूँ रास्ता दिया मुझ को रास्ते से हटा दिया मुझ को, दूर करने के वास्ते ख़ुद

उम्र भर सीने में एक दर्द दबाए रखा

umr bhar sine me ek dard dabaye rakha

उम्र भर सीने में एक दर्द दबाए रखा एक बेनाम से रिश्ते को निभाए रखा, था मुझे वहम