हँस के बोला करो बुलाया करो

hans ke bola karo bulaya karo

हँस के बोला करो बुलाया करो आप का घर है आया जाया करो, मुस्कुराहट है हुस्न का ज़ेवर

जब तेरे नैन मुस्कुराते हैं

jab tere nain muskurate hain

जब तेरे नैन मुस्कुराते हैं ज़ीस्त के रंज भूल जाते हैं, क्यूँ शिकन डालते हो माथे पर भूल

अगरचे मैं एक चटान सा आदमी रहा हूँ

agarche main chattan sa aadmi raha hoon

अगरचे मैं एक चटान सा आदमी रहा हूँ मगर तेरे बाद हौसला है कि जी रहा हूँ, वो

तेरे बदन से जो छू कर इधर भी आता है

tere badan se jo chhoo kar idhar bhi aata hai

तेरे बदन से जो छू कर इधर भी आता है मिसाल ए रंग वो झोंका नज़र भी आता

आप की आँख से गहरा है मेरी रूह का ज़ख़्म

aapki aankh se gahra hai meri rooh ka zakhm

आप की आँख से गहरा है मेरी रूह का ज़ख़्म आप क्या सोच सकेंगे मेरी तन्हाई को ?

अब वो तूफ़ाँ है न वो शोर हवाओं जैसा

ab wo toofaan hai na wo shor hawaon jaisa

अब वो तूफ़ाँ है न वो शोर हवाओं जैसा दिल का आलम है तेरे बाद ख़लाओं जैसा, काश

एक पल में ज़िंदगी भर की उदासी दे गया

ek pal me zindagi bhar ki udasi de gaya

एक पल में ज़िंदगी भर की उदासी दे गया वो जुदा होते हुए कुछ फूल बासी दे गया,

दिल में बंदों के बहुत ख़ौफ़ ए ख़ुदा था पहले

dil me bando ke bahut khauf e khuda tha pahle

दिल में बंदों के बहुत ख़ौफ़ ए ख़ुदा था पहले ये ज़माना कभी इतना न बुरा था पहले,

जब से उस ने शहर को छोड़ा हर रस्ता सुनसान हुआ

jab se us ne shahar ko chhoda har rasta sunsan hua

जब से उस ने शहर को छोड़ा हर रस्ता सुनसान हुआ अपना क्या है सारे शहर का एक

इश्क़ गर हाथ छुड़ाए तो छुड़ाने देना

ishq gar haath chhudaye to chhudane dena

इश्क़ गर हाथ छुड़ाए तो छुड़ाने देना कार ए वहशत पे मगर आँच न आने देना, यूँ भी