चराग़ इश्क़ के दिल में जलाए जाते हैं

charag ishq ke dil

चराग़ इश्क़ के दिल में जलाए जाते हैं बड़े ही शौक़ से सदमे उठाए जाते हैं, उन्हें सुकून

बड़ी मुश्किल हैं राहें सुन मोहब्बत की ज़माने में

badi mushkil hain raahen

बड़ी मुश्किल हैं राहें सुन मोहब्बत की ज़माने में कि पल पल मरना पड़ता है इसे दिल से

दोनों में थी हवस कि मोहब्बत तो थी नहीं

dono me thi hawas

दोनों में थी हवस कि मोहब्बत तो थी नहीं यानी वफ़ा की उनको ज़रूरत तो थी नहीं, अच्छा

इश्क़ की राह में यूँ हद से गुज़र मत जाना

ishq ki raah me

इश्क़ की राह में यूँ हद से गुज़र मत जाना हों घड़े कच्चे तो दरिया में उतर मत

फूल से मासूम बच्चों की ज़बाँ हो जाएँगे

phool se masum bachcho

फूल से मासूम बच्चों की ज़बाँ हो जाएँगे मिट भी जाएँगे तो हम एक दास्ताँ हो जाएँगे, मैंने

सुनो ये ग़म की सियह रात जाने वाली है

suno ye gam ki

सुनो ये ग़म की सियह रात जाने वाली है अभी अज़ान की आवाज़ आने वाली है, तुझे यक़ीन

भूले बिसरे हुए ग़म याद बहुत करता है

bhoole bisre hue gam

भूले बिसरे हुए ग़म याद बहुत करता है मेरे अंदर कोई फ़रियाद बहुत करता है, रोज़ आता है

ज़िंदगी से यही गिला है मुझे

zindagi se yahi gila

ज़िंदगी से यही गिला है मुझे तू बहुत देर से मिला है मुझे, तू मोहब्बत से कोई चाल

ज़माने की हवा बदली उधर रंग ए चमन बदला

zamane ki hawa badli

ज़माने की हवा बदली उधर रंग ए चमन बदला गुलों ने जब रविश बदली अनादिल ने वतन बदला,

हर तरफ़ महकी हुई मेरे चमन की ख़ुशबू

har taraf mahki hui

हर तरफ़ महकी हुई मेरे चमन की ख़ुशबू है फ़ज़ाओ में अज़ानों की भजन की ख़ुशबू, मुझ को