हर चौक पे भाषण हैं, हर मंच पे क़सम का शोर

har chauk pe bhashan hai har manch pe qasam ka shor

हर चौक पे भाषण हैं, हर मंच पे क़सम का शोर पर रोटी की कतार में आज भी

फिर सावन रुत की पवन चली तुम याद आए

fir savan rut kee pawan chali tum yaad aaye

फिर सावन रुत की पवन चली तुम याद आए फिर पत्तों की पाज़ेब बजी तुम याद आए, फिर

मुसलसल बेकली दिल को रही है

musalsal bekali dil ko rahi hai

मुसलसल बेकली दिल को रही है मगर जीने की सूरत तो रही है, मैं क्यूँ फिरता हूँ तन्हा

गली गली मेरी याद बिछी है प्यारे रस्ता देख के चल

gali gali meri yaad bichhee hai

गली गली मेरी याद बिछी है प्यारे रस्ता देख के चल मुझ से इतनी वहशत है तो मेरी

सफ़र ए मंज़िल ए शब याद नहीं

safar e manzil e shab yaad nahi

सफ़र ए मंज़िल ए शब याद नहीं लोग रुख़्सत हुए कब याद नहीं, अव्वलीं क़ुर्ब की सरशारी में

नासिर क्या कहता फिरता है कुछ न सुनो तो बेहतर है

nasir kya kahta firta hai kuch na suno to behtar hai

नासिर क्या कहता फिरता है कुछ न सुनो तो बेहतर है दीवाना है दीवाने के मुँह न लगो

नतीजा फिर वही होगा सुना है साल बदलेगा

nateeja fir wahi hoga suna hai saal badlega

नतीजा फिर वही होगा सुना है साल बदलेगा परिंदे फिर वही होंगे शिकारी जाल बदलेगा, बदलना है तो

पिछले बरस तुम साथ थे मेरे और दिसम्बर था

pichhle baras tum saath the mere aur december tha

पिछले बरस तुम साथ थे मेरे और दिसम्बर था महके हुए दिन रात थे मेरे और दिसम्बर था,

नहीं काम रखना कोई दिल लगी से यकुम जनवरी से

nahi kaam rakhna koi dil lagi se yakum janwari se

नहीं काम रखना कोई दिल लगी से यकुम जनवरी से गुज़रना नहीं अब तुम्हारी गली से यकुम जनवरी

ऐ नए साल बता तुझ में नयापन क्या है

ae naye saal bata tujh me nayapan kya hai

ऐ नए साल बता तुझ में नयापन क्या है हर तरफ़ ख़ल्क़ ने क्यों शोर मचा रखा है