ख़ुद्दार मेरे शहर का फाक़ो से मर गया

ख़ुद्दार मेरे शहर का फाक़ो से मर गया
राशन जो आ रहा था वो अफ़सर के घर गया,

चढ़ती रही मज़ार पे चादरें तो बे शुमार
बाहर जो एक फ़कीर था सर्दी से मर गया,

रोटी अमीर ए शहर के कुत्तों ने छीन ली
फाक़ा गरीब ए शहर के बच्चों में बट गया,

चेहरा बता रहा था कि मारा है भूख़ ने
हाकिम ने कह दिया कि कुछ खा के मर गया..!!


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