तस्वीर तेरी दिल मेरा बहला न सकेगी

तस्वीर तेरी दिल मेरा बहला न सकेगी
ये तेरी तरह मुझ से तो शरमा न सकेगी,

मैं बात करूँगा तो ये ख़ामोश रहेगी
गर सीने से लगाऊँगा तो ये कुछ न कहेगी,

आराम वो क्या देगी जो तड़पा न सकेगी
तस्वीर तेरी दिल मेरा बहला न सकेगी,

आँखों में ठहरी हुई चंचल वो निगाहें
ये हाथ में सहमे हुए और मस्त वो बाहें,

परछाई तो इन्सान के काम आ न सकेगी
तस्वीर तेरी दिल मेरा बहला न सकेगी,

उलझी हुई रातों को ये सुलझा न सकेगी
तस्वीर तेरी दिल मेरा बहला न सकेगी..!!


Discover more from Hindi Gazals :: हिंदी ग़ज़लें - A Huge collection of Hindi/Urdu Ghazals :: हिंदी/उर्दू ग़ज़लों का विशाल संग्रह

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Leave a Reply