निगाह ए यार के बदलने में कुछ देर नहीं लगती
हसीं ख़्वाबों के जलने में कुछ देर नहीं लगती,
इश्क़ ओ मुहब्बत का मिजाज़ है हवाओं जैसा
हवा के रुख बदलने में कुछ देर नहीं लगती,
शब ए हिज्राँ तो गुजरती है सदियों की तरह
शब ए वस्ल के ढलने में कुछ देर नहीं लगती,
निगाह ए इश्क़ में अगर हो ख़ुलूस की हरारत
बर्फ़ ए हुस्न के पिघलने में कुछ देर नहीं लगती..!!
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