मेरे ख़्वाबों से ओझल उस का चेहरा हो गया है

mere khwabon se ojhal us ka chehra ho gaya hai

मेरे ख़्वाबों से ओझल उस का चेहरा हो गया है मैं ऐसा चाहता कब था पर ऐसा हो

कौन जात हो भाई ? दलित हैं साब !

kaun jaat ho bhai dalit hai saab

कौन जात हो भाई? “दलित हैं साब!” नहीं मतलब किसमें आते हो? आपकी गाली में आते हैं गंदी

अजब है रंग ए चमन जा ब जा उदासी है

azab hai rang e chaman jaa baa jaa udaasi hai

अजब है रंग ए चमन जा ब जा उदासी है महक उदासी है बाद ए सबा उदासी है,

एक ख़्वाब नींद का था सबब, जो नहीं रहा

ek khwab neend ka tha sabab jo nahi raha

एक ख़्वाब नींद का था सबब, जो नहीं रहा उस का क़लक़ है ऐसा कि मैं सो नहीं

ग़मों में कुछ कमी या कुछ इज़ाफ़ा कर रहे हैं

gamon me kuch kami yaa kuch izafa kar rahe hain

ग़मों में कुछ कमी या कुछ इज़ाफ़ा कर रहे हैं समझ में कुछ नहीं आता कि हम क्या

उदास बस आदतन हूँ कुछ भी हुआ नहीं है

udaas bas aadatan hoon kuch bhi hua nahi hai

उदास बस आदतन हूँ कुछ भी हुआ नहीं है यक़ीन मानो किसी से कोई गिला नहीं है, अधेड़

अब आ भी जाओ, बहुत दिन हुए मिले हुए भी

ab aa bhi jaao bahut din hue mile hue bhi

अब आ भी जाओ, बहुत दिन हुए मिले हुए भी भुला ही देंगे अगर दिल में कुछ गिले

सभी ये पूछते रहते हैं क्या गुम हो गया है

sabhi ye puchte rahte hain kya gum ho gaya hai

सभी ये पूछते रहते हैं क्या गुम हो गया है बता दूँ? मुझ से ख़ुद अपना पता गुम

हमें नहीं आते ये कर्तब नए ज़माने वाले

humen nahi aate ye kartab naye zamane wale

हमें नहीं आते ये कर्तब नए ज़माने वाले हम तो सीधे लोग हैं यारो वही पुराने वाले, उन

मोहब्बत की रंगीनियाँ छोड़ आए

mohabbat ki ranginiya chhod aaye

मोहब्बत की रंगीनियाँ छोड़ आए तेरे शहर में एक जहाँ छोड़ आए, पहाड़ों की वो मस्त शादाब वादी