हम वो बुझदिल नहीं जो यलगार से डर जाएँगे

हम वो बुझदिल नहीं

हम वो बुझदिल नहीं जो यलगार से डर जाएँगे तुम ने ये समझा कि हम तलवार से डर

सियासत मुफ़ादात में खो गई है

सियासत-मुफ़ादात-में-खो

सियासत मुफ़ादात में खो गई है हुकुमत न जाने कहाँ सो गई है ? आवामी मसायेल इन्हें तब

मुझ से बेहतर तो मिल गया है तुम्हें

मुझ से बेहतर तो

मुझ से बेहतर तो मिल गया है तुम्हें और अल्लह से क्या गिला है तुम्हें, हम इकट्ठे नहीं

दुनिया को शानदार का मतलब नहीं पता

दुनिया को शानदार का

दुनिया को शानदार का मतलब नहीं पता मतलब हमारे यार का मतलब नहीं पता, मैं ने कहा तलाश

किस को रौशन बना रहे हो तुम

kis ko raushan bana

किस को रौशन बना रहे हो तुम इतना जो बुझते जा रहे हो तुम लोग पागल बनाए जा

अभी तो ज़िंदा हैं कहते हो यारा क्या होगा

अभी तो ज़िंदा हैं

अभी तो ज़िंदा हैं कहते हो यारा क्या होगा हमारे बाद न जाने तुम्हारा क्या होगा हमारा ख़ुद

होती है तेरे नाम से वहशत कभी कभी

होती है तेरे नाम

होती है तेरे नाम से वहशत कभी कभी बरहम हुई है यूँ भी तबीअत कभी कभी, ऐ दिल

वो दिलनवाज़ है लेकिन नज़रशनास नहीं

वो दिलनवाज़ है लेकिन

वो दिलनवाज़ है लेकिन नज़रशनास नहीं मेरा इलाज मेरे चारागर के पास नहीं, तड़प रहे हैं ज़बाँ पर

कुछ यादगार ए शहर ए सितमगर ही ले चलें

कुछ यादगार ए शहर

कुछ यादगार ए शहर ए सितमगर ही ले चलें आए हैं उस की गली में तो पत्थर ही

झूठ का बोलना आसान नहीं होता है

झूठ का बोलना आसान

झूठ का बोलना आसान नहीं होता है दिल तेरे बाद परेशान नहीं होता है, सब तेरे बाद यही