नहीं काम रखना कोई दिल लगी से यकुम जनवरी से

नहीं काम रखना कोई दिल लगी से यकुम जनवरी से
गुज़रना नहीं अब तुम्हारी गली से यकुम जनवरी से,

गुज़िश्ता बरस सब के नख़रे उठाए मगर कुछ न पाया
नहीं मुझ को करनी मोहब्बत किसी से यकुम जनवरी से,

दिसम्बर के आख़िर में अपने गुनाहों से तौबा करूँगा
फ़रिश्ता ही बन जाउँगा आदमी से यकुम जनवरी से,

ख़ुशी क्या मनाऊँ कि दिल ग़मज़दा है नए साल पर भी
कि एक कम हुआ है बरस ज़िंदगी से यकुम जनवरी से..!!

~फख़्र अब्बास

ऐ नए साल बता तुझ में नयापन क्या है

1 thought on “नहीं काम रखना कोई दिल लगी से यकुम जनवरी से”

Leave a Reply