बटे रहोगे तो अपना यूँही बहेगा लहू

bate rahoge to apna yunhi bahega lahoo

बटे रहोगे तो अपना यूँही बहेगा लहू हुए न एक तो मंज़िल न बन सकेगा लहू, हो किस

मैं खुश नसीबी हूँ तेरी मुझे भी रास है तू

main khush nasibi hoon teri mujhe bhi raas hai tu

मैं खुश नसीबी हूँ तेरी मुझे भी रास है तू तेरा लिबास हूँ मैं और मेरा लिबास है

समन्दर में उतरता हूँ तो आँखें भीग जाती हैं

samndar me utarta hoon to aankhen bhig jati hain

समन्दर में उतरता हूँ तो आँखें भीग जाती हैं तेरी आँखों को पढ़ता हूँ तो आँखें भीग जाती

उस ने जब मेरी तरफ प्यार से देखा होगा

us ne jab meri taraf pyar se dekha hoga

उस ने जब मेरी तरफ प्यार से देखा होगा मेरे बारे में बड़े गौर से सोचा होगा, सुबह

वही हालात हैं फ़क़ीरों के

wahi haalaat hai fakiron ke

वही हालात हैं फ़क़ीरों के दिन फिरे हैं फ़क़त वज़ीरों के, अपना हल्क़ा है हल्क़ा ए ज़ंजीर और

दिल पर जो ज़ख़्म हैं वो दिखाएँ किसी को क्या

dil par jo zakhm hai dikhaye kisi ko kya

दिल पर जो ज़ख़्म हैं वो दिखाएँ किसी को क्या अपना शरीक ए दर्द बनाएँ किसी को क्या

इस शहर ए ख़राबी में ग़म ए इश्क़ के मारे

is shahar e kharabi me gam eishq ke maare zinda hain

इस शहर ए ख़राबी में ग़म ए इश्क़ के मारे ज़िंदा हैं यही बात बड़ी बात है प्यारे,

कुछ लोग ख़यालों से चले जाएँ तो सोएँ

kuch log khyalon se chale jaayen to soyen

कुछ लोग ख़यालों से चले जाएँ तो सोएँ बीते हुए दिन रात न याद आएँ तो सोएँ, चेहरे

फिर दिल से आ रही है सदा उस गली में चल

fir dil se aa rahi hai sada us gali me chal

फिर दिल से आ रही है सदा उस गली में चल शायद मिले ग़ज़ल का पता उस गली

दुश्मनों ने जो दुश्मनी की है

dushmanon ne jo dushmani ki hai

दुश्मनों ने जो दुश्मनी की है दोस्तों ने भी क्या कमी की है, ख़ामुशी पर हैं लोग ज़ेर