आग है फैली हुई काली घटाओं की जगह

aag faili hui kaali ghataaon ki jagah

आग है फैली हुई काली घटाओं की जगह बद दुआएँ हैं लबों पर अब दुआओं की जगह, इंतिख़ाब

फ़ैज़ और फ़ैज़ का ग़म भूलने वाला है कहीं

faiz aur faiz ka gam bhulne wala hai kahin

फ़ैज़ और फ़ैज़ का ग़म भूलने वाला है कहीं मौत ये तेरा सितम भूलने वाला है कहीं, हम

जीवन मुझ से मैं जीवन से शरमाता हूँ

jivan mujh se main jivan se sharmata hoon

जीवन मुझ से मैं जीवन से शरमाता हूँ मुझ से आगे जाने वालो में आता हूँ, जिन की

इश्क में जब नफ़ा नुक़सान का हिसाब लगाया जायेगा

ishq me jab nafa nuqsan ka hisab lagaya jayega

इश्क में जब नफ़ा नुक़सान का हिसाब लगाया जायेगा उस दिन सच्चे दिल टूटेंगे, ख़्वाबों को दफ़नाया जायेगा,

दिल ए पुर शौक़ को पहलू में दबाए रखा

dil e pur shauk ko pahlu me dabaye rakha

दिल ए पुर शौक़ को पहलू में दबाए रखा तुझ से भी हम ने तेरा प्यार छुपाए रखा,

अब तेरी ज़रूरत भी बहुत कम है मेरी जाँ

ab teri zarurat bhi bahut kam hai meri jaan

अब तेरी ज़रूरत भी बहुत कम है मेरी जाँ अब शौक़ का कुछ और ही आलम है मेरी

फिर कभी लौट कर न आएँगे

fir kabhi laut kar na ayenge

फिर कभी लौट कर न आएँगे हम तेरा शहर छोड़ जाएँगे, दूर उफ़्तादा बस्तियों में कहीं तेरी यादों

वो देखने मुझे आना तो चाहता होगा

wo dekhne mujhe aana to chahta hoga

वो देखने मुझे आना तो चाहता होगा मगर ज़माने की बातों से डर गया होगा, उसे था शौक़

ये और बात तेरी गली में न आएँ हम

ye aur baat teri gali me na aaye hum

ये और बात तेरी गली में न आएँ हम लेकिन ये क्या कि शहर तेरा छोड़ जाएँ हम,

कभी तो मेहरबाँ हो कर बुला लें

kabhi to meharbaan ho kar bula le

कभी तो मेहरबाँ हो कर बुला लें ये महवश हम फ़क़ीरों की दुआ लें, न जाने फिर ये