उस ने जब हँस के नमस्कार किया

us ne jab hans ke namaskar kiya

उस ने जब हँस के नमस्कार किया मुझ को इंसान से अवतार किया, दश्त ए ग़ुर्बत में दिल

वो जो था वो कभी मिला ही नहीं

wo jo tha wo kabhi mila hi nahin

वो जो था वो कभी मिला ही नहीं सो गरेबाँ कभी सिला ही नहीं, उस से हर दम

दिल ने वफ़ा के नाम पर कार ए वफ़ा नहीं किया

dil ne wafa ke naam par kaar e wafa nahi kiya

दिल ने वफ़ा के नाम पर कार ए वफ़ा नहीं किया ख़ुद को हलाक कर लिया ख़ुद को

ठीक है ख़ुद को हम बदलते हैं

thik hai khud ko hum badalte hain

ठीक है ख़ुद को हम बदलते हैं शुक्रिया मश्वरत का चलते हैं, हो रहा हूँ मैं किस तरह

सर ही अब फोड़िए नदामत में

sar hi ab fodiye nadamat me

सर ही अब फोड़िए नदामत में नींद आने लगी है फ़ुर्क़त में, हैं दलीलें तेरे ख़िलाफ़ मगर सोचता

बड़े बने थे जालिब साहब पिटे सड़क के बीच

bade bane the jalib sahab pite sadak ke beech

बड़े बने थे जालिब साहब पिटे सड़क के बीच गोली खाई लाठी खाई गिरे सड़क के बीच, कभी

जागने वालो ता ब सहर ख़ामोश रहो

jaagne walo ta ba sahar khamosh raho

जागने वालो ता ब सहर ख़ामोश रहो कल क्या होगा किस को ख़बर ख़ामोश रहो, किस ने सहर

कोई हालत नहीं ये हालत है

koi halat nahi ye halat hain

कोई हालत नहीं ये हालत है ये तो आशोब नाक सूरत है, अंजुमन में ये मेरी ख़ामोशी बुर्दबारी

चलो बाद ए बहारी जा रही है

chalo baad e bahaari jaa rahi hai

चलो बाद ए बहारी जा रही है पिया जी की सवारी जा रही है, शुमाल ए जावेदान ए

ज़ब्त कर के हँसी को भूल गया

zabt kar ke hansi ko bhul gaya

ज़ब्त कर के हँसी को भूल गया मैं तो उस ज़ख़्म ही को भूल गया, ज़ात दर ज़ात