बहुत पेपर पे छपने हैं तो ठप्पा काट लेते हैं

bahut paper pe chhapne hai to thappa kaat lete hain

बहुत पेपर पे छपने हैं तो ठप्पा काट लेते हैं पिता जी मर गए हैं तो अँगूठा काट

भला कब मैं निशाने पर नहीं आया

bhala kab main nishaane par nahi aaya

भला कब मैं निशाने पर नहीं आया मेरे हाथों में पर पत्थर नहीं आया, मैं तौबा दोस्ती से

गली गली आबाद थी जिन से कहाँ गए वो लोग

gali gali aabaad thi jin se kahan gaye wo log

गली गली आबाद थी जिन से कहाँ गए वो लोग दिल्ली अब के ऐसी उजड़ी घर घर फैला

शजर जिस पे मैं रहता हूँ उसे काटा नहीं करता

shajar jis pe main rahta hoon use kaata nahi karta

शजर जिस पे मैं रहता हूँ उसे काटा नहीं करता मैं आतिश मुल्क से सपने में भी धोका

इश्क़ से दिल को ऊबा देखा

ishq se dil ko oobaa dekha

इश्क़ से दिल को ऊबा देखा जिस्म का जब से सौदा देखा, भूका हम ने राजा देखा सागर

ख़ुद को बीमार मत किया कर यार

khud ko bimar mat kiya kar yaar

ख़ुद को बीमार मत किया कर यार डूब कर प्यार मत किया कर यार, जब मदद चाहे कोई

कोशिशें कर लो मैं बादल नहीं होने वाला

koshishe kar lo main badal nahi hone wala

कोशिशें कर लो मैं बादल नहीं होने वाला बरसों बे वज्ह यूँ पागल नहीं होने वाला, शर्त ये

क्या है ऊँचाई मोहब्बत की बताते जाओ

kya hai unchaaee mohabbat kee batate jaao

क्या है ऊँचाई मोहब्बत की बताते जाओ पंछियों उड़ के यूँ ही ख़्वाब दिखाते जाओ, पेड़ पत्थर का

दिल में है क्या अज़ाब कहे तो पता चले

dil me hai kya azaab kahe to pata chale

दिल में है क्या अज़ाब कहे तो पता चले दीवार ख़ामोशी की ढहे तो पता चले, सब कुछ

दर्द से दिल ने वास्ता रखा

dard se dil ne vaasta rakha

दर्द से दिल ने वास्ता रखा वक़्त बदलेगा हौसला रखा, रो दिए मेरे हाल पे पंछी चुगने जब