हम भारत के रखवाले हैं
हम भारत के रखवाले हैं सब इस के बच्चे बाले हैं, कैसे ये बिहारी कश्मीरी और क्या हैं
Patriotic Poetry
हम भारत के रखवाले हैं सब इस के बच्चे बाले हैं, कैसे ये बिहारी कश्मीरी और क्या हैं
भारत प्यारा देश हमारा सब देशों से न्यारा है हर रुत हर एक मौसम इसका कैसा प्यारा प्यारा
जिस का है सब को ज्ञान यही है सारे जहाँ की जान यही है जिस से है अपनी
इंसाफ ज़ालिमों की हिमायत में जायेगा ये हाल है तो कौन अदालत में जायेगा ? दस्तार नोच नोच
गिरजा में मंदिरों में अज़ानों में बट गया होते ही सुब्ह आदमी ख़ानों में बट गया, एक इश्क़
दिल में बंदों के बहुत ख़ौफ़ ए ख़ुदा था पहले ये ज़माना कभी इतना न बुरा था पहले,
हर फ़ित्ना ओ तफ़रीक़ से बेज़ार हैं हम लोग साइल हैं मोहब्बत के तलबगार हैं हम लोग, हिन्दू
मुसलमाँ और हिन्दू की जान कहाँ है मेरा हिन्दोस्तान ? मैं उस को ढूँढ रहा हूँ, मेंरे बचपन
कोई हिन्दू कोई मुस्लिम कोई ईसाई है सब ने इंसान न बनने की क़सम खाई है, इतनी ख़ूँ-ख़ार
दुश्मन की दोस्ती है अब अहल ए वतन के साथ है अब ख़िज़ाँ चमन में नए पैरहन के