चलो तुम को मिलाता हूँ मैं उस मेहमान से पहले

chalo tum ko milata hoon main us mehman se pahle

चलो तुम को मिलाता हूँ मैं उस मेहमान से पहले जो मेरे जिस्म में रहता था मेरी जान

अपनी ख़बर, न उस का पता है, ये इश्क़ है

apni khabar na us ka pata hai ye ishq hai

अपनी ख़बर, न उस का पता है, ये इश्क़ है जो था, नहीं है, और न था, है,

क्या बताऊँ कि जो हंगामा बपा है मुझ में

kya bataoon ki jo hungama bapa hai mujh me

क्या बताऊँ कि जो हंगामा बपा है मुझ में इन दिनों कोई बहुत सख़्त ख़फ़ा है मुझ में,

कोई मिला तो किसी और की कमी हुई है

koi mila to kisi aur ki kami hui hai

कोई मिला तो किसी और की कमी हुई है सो दिल ने बे तलबी इख़्तियार की हुई है,

कितना सुकूत है रसन ओ दार की तरफ़

kitna sukut hai rasan o daar ki taraf

कितना सुकूत है रसन ओ दार की तरफ़ आता है कौन जुरअत ए इज़हार की तरफ़, दश्त ए

मावरा ए जहाँ से आए हैं

maavra e jahan se aaye hain

मावरा ए जहाँ से आए हैं आज हम ख़ुमसिताँ से आए हैं, इस क़दर बे-रुख़ी से बात न

ग़ज़लें तो कही हैं कुछ हम ने

gazalen to kahi hain kuch hum ne un se

ग़ज़लें तो कही हैं कुछ हम ने उन से न कहा अहवाल तो क्या ? कल मिस्ल ए

एक शख़्स बा ज़मीर मेरा यार मुसहफ़ी

ek shaks baa zamir mera yaar mushafee

एक शख़्स बा ज़मीर मेरा यार मुसहफ़ी मेरी तरह वफ़ा का परस्तार मुसहफ़ी, रहता था कज कुलाह अमीरों

घर के ज़िंदाँ से उसे फ़ुर्सत मिले तो आए भी

ghar ke zindaan se use fursat mile to aaye bhi

घर के ज़िंदाँ से उसे फ़ुर्सत मिले तो आए भी जाँ फ़ज़ा बातों से आ के मेरा दिल

हर गाम पर थे शम्स ओ क़मर उस दयार में

har gaam par the shams o qamar us dayaar me

हर गाम पर थे शम्स ओ क़मर उस दयार में कितने हसीं थे शाम ओ सहर उस दयार