सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है

sarfaroshi ki tamanna ab humare dil me hai

सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है देखना है ज़ोर कितना बाज़ू ए क़ातिल में है, ऐ

मज्लिस ए ग़म, न कोई बज़्म ए तरब, क्या करते

mazlis e gam na koi bazm e tarab kya karte

मज्लिस ए ग़म, न कोई बज़्म ए तरब, क्या करते घर ही जा सकते थे आवारा ए शब,

वो चराग़ ए जाँ कि चराग़ था कहीं रहगुज़ार में बुझ गया

wo charag e jaan ki charag tha khin rahguzar me bujh gaya

वो चराग़ ए जाँ कि चराग़ था कहीं रहगुज़ार में बुझ गया मैं जो एक शो’लानज़ाद था हवस

मेरे सिवा भी कोई गिरफ़्तार मुझ में है

mere siwa bhi koi giraftar mujh me hai

मेरे सिवा भी कोई गिरफ़्तार मुझ में है या फिर मेरा वजूद ही बेज़ार मुझ में है, मेरी

चुप है आग़ाज़ में, फिर शोर ए अजल पड़ता है

chup hai aagaz me fir shor e ajal padta hai

चुप है आग़ाज़ में, फिर शोर ए अजल पड़ता है और कहीं बीच में इम्कान का पल पड़ता

मोहब्बत में वफ़ादारी से बचिए

mohabbat me wafadari se bachiye

मोहब्बत में वफ़ादारी से बचिए जहाँ तक हो अदाकारी से बचिए, हर एक सूरत भली लगती है कुछ

मुट्ठी भर लोगों के हाथों में लाखों की तक़दीरें हैं

mutthi bhar logo ke hathon me lakhon ki taqdeeren hain

मुट्ठी भर लोगों के हाथों में लाखों की तक़दीरें हैं जुदा जुदा हैं धर्म इलाक़े एक सी लेकिन

रात के बाद नए दिन की सहर आएगी

raat ke baad naye din ki sahar ayegi

रात के बाद नए दिन की सहर आएगी दिन नहीं बदलेगा तारीख़ बदल जाएगी, हँसते हँसते कभी थक

कठ पुतली है या जीवन है जीते जाओ सोचो मत

kath putli hai ya jivan hai jite jaao socho mat

कठ पुतली है या जीवन है जीते जाओ सोचो मत सोच से ही सारी उलझन है जीते जाओ

वतन की सरज़मीं से इश्क़ ओ उल्फ़त हम भी रखते हैं

watan ki sarzamin se ishq o ulfat hum bhi rakhte hain

वतन की सरज़मीं से इश्क़ ओ उल्फ़त हम भी रखते हैं खटकती जो रहे दिल में वो हसरत