बदन पे जिसके शराफ़त का पैरहन देखा…

badan pe jiske sharafat ka pairahan dekha

बदन पे जिसके शराफ़त का पैरहन देखा वो आदमी भी यहाँ हमने बदचलन देखा, ख़रीदने को जिसे कम

आओ बाँट ले सब दर्द ओ अलम…

aao baant le sab dard o alam

आओ बाँट ले सब दर्द ओ अलम कुछ तुम रख लो, कुछ हम रख ले अब पोंछ ले

आज जो तुम्हारी नज़र में एक तवायफ़ सी है वो…

आज जो तुम्हारी नज़र में एक तवायफ़ सी है वो तुम्हारी ही तो बनाई हुई बेअदब रिवायत सी

उर्दू है मेरा नाम मैं ख़ुसरो की पहेली

urdu-hai-mera-naam

उर्दू है मेरा नाम मैं ख़ुसरो की पहेली मैं मीर की हमराज़ हूँ ग़ालिब की सहेली, दक्कन के

नफ़रत को छोड़ द तू मुहब्बत की बात कर…

nafrat ko chhod de tu muhabbat ki baat kar

नफ़रत को छोड़ द तू मुहब्बत की बात कर इत्तिहाद ओ अमन ओ शराफ़त की बात कर, मत

दुनियाँ के लोग खुशियाँ मनाने में रह गए…

दुनियाँ के लोग खुशियाँ

दुनियाँ के लोग खुशियाँ मनाने में रह गए हम बदनसीब अश्क बहाने में रह गए, कुछ जाँ निसार

हमसे क़ीमत तो ये पूरी ही लिया करती है

hamse-qimat-to-ye

हमसे क़ीमत तो ये पूरी ही लिया करती है ज़िन्दगी ख़्वाब अधूरे ही दिया करती है, हर मुहब्बत

मुहब्बत कहाँ अब घरों में मिले

muhabbat-kahan-ab-gharo

मुहब्बत कहाँ अब घरों में मिले यहाँ फूल भी पत्थरो में मिले, जो फिरते रहे दनदनाते हुए वही

मुझे इतना प्यार न दो बाबा

mujhe-itna-pyar-na

बेटी का दर्द… मुझे इतना प्यार न दो बाबा कल जितना मुझे नसीब न हो, ये जो माथा

अश्क आँखों में छुपाते हुए थक जाता हूँ

ashq-aankho-me-chhupate

अश्क आँखों में छुपाते हुए थक जाता हूँ बोझ पानी का उठाते हुए थक जाता हूँ, पाँव रखते