उसे मना कर ग़ुरूर उस का बढ़ा न देना

use mana kar gurur us ka badha na dena

उसे मना कर ग़ुरूर उस का बढ़ा न देना वो सामने आए भी तो उस को सदा न

नेक लोगो में मुझे नेक गिना जाता है

nek logo me mujhe nek gina jaata hai

नेक लोगो में मुझे नेक गिना जाता है गुनाहगार गुनाहगार समझते है मुझे मैं तो ख़ुद बाज़ार में

तू ने देखा है कभी एक नज़र शाम के बाद

tune dekha hai kabhi ek nazar shaam ke baad

तूने देखा है कभी एक नज़र शाम के बाद कितने चुपचाप से लगते हैं शजर शाम के बाद,

अनोखी वज़अ है सारे ज़माने से निराले हैं

anokhi vazaa hai saare jahan se nirale hai

अनोखी वज़अ है सारे ज़माने से निराले हैं ये आशिक कौन सी बस्ती के या रब ! रहने

अजब वायज़ की दींदारी है या रब !

azab wayaz ki deedari hai ya rab

अजब वायज़ की दींदारी है या रब ! अदावत है इसे सारे जहाँ से, कोईअब तक न यह

दरोग़ के इम्तिहाँ कदे में सदा यही…

darog ke imtihan kade me sada yahi

दरोग़ के इम्तिहाँ कदे में सदा यही कारोबार होगा जो बढ़ के ताईद ए हक़ करेगा वही सज़ावार

मिलना न मिलना एक बहाना है और बस

milna na milna ek bahana hai aur bas

मिलना न मिलना एक बहाना है और बस तुम सच हो बाक़ी जो है फ़साना है और बस,

सुख़न वरी का बहाना बनाता रहता हूँ

sukhan vari ka bahana banaata rahta hoon

सुख़न वरी का बहाना बनाता रहता हूँ तेरा फ़साना तुझी को सुनाता रहता हूँ, मैं अपने आप से

जिस सर को ग़ुरूर आज है याँ ताजवरी…

jisko gurur aaj hai yaa taajwari ka

जिस सर को ग़ुरूर आज है याँ ताजवरी का कल उस पे यहीं शोर है फिर नौहागरी का,

पी ली तो कुछ पता न चला वो सुरूर था

pee li to kuch pata na chala wo surur tha

पी ली तो कुछ पता न चला वो सुरूर था वो उस का साया था कि वही रश्क