गए दिनों का सुराग़ ले कर किधर से आया किधर गया वो

gaye dino ka suraag le kar kidhar se aaya kidhar gaya wo

गए दिनों का सुराग़ ले कर किधर से आया किधर गया वो अजीब मानूस अजनबी था मुझे तो

वो साहिलों पे गाने वाले क्या हुए

wo saahilon pe gaane wale kya hue

वो साहिलों पे गाने वाले क्या हुए वो कश्तियाँ चलाने वाले क्या हुए ? वो सुब्ह आते आते

तेरे आने का धोका सा रहा है

tere aane ka dhoka saa raha hai

तेरे आने का धोका सा रहा है दिया सा रात भर जलता रहा है, अजब है रात से

होती है तेरे नाम से वहशत कभी कभी

hoti hai tere naam se wahshat kabhi kabhi

होती है तेरे नाम से वहशत कभी कभी बरहम हुई है यूँ भी तबी’अत कभी कभी, ऐ दिल

कुछ इस अदा से ग़म ए ज़िंदगी के साथ चले

kuch is ada se gam e zindagi ke saath chale

कुछ इस अदा से ग़म ए ज़िंदगी के साथ चले कि जैसे कोई किसी अजनबी के साथ चले,

निय्यत ए शौक़ भर न जाए कहीं

niyyat e shauq bhar na jaaye kahin

निय्यत ए शौक़ भर न जाए कहीं तू भी दिल से उतर न जाए कहीं, आज देखा है

दिल धड़कने का सबब याद आया

dil dhadakane ka sabab yaad aaya

दिल धड़कने का सबब याद आया वो तेरी याद थी अब याद आया, आज मुश्किल था सँभलना ऐ

दिल में एक लहर सी उठी है अभी

dil me ek lahar see uthi hai abhi

दिल में एक लहर सी उठी है अभी कोई ताज़ा हवा चली है अभी, कुछ तो नाज़ुक मिज़ाज

सुना है जब से कि तुम को भी ग़म गवारा है

suna hai jab se ki tum ko bhi gam gavara hai

सुना है जब से कि तुम को भी ग़म गवारा है ख़याल अब हमें अपना नहीं तुम्हारा है,

वो हँस देते हैं जब महफ़िल में मेरा नाम आता है

wo hans dete hain jab mahfil me mera naam aata hai

वो हँस देते हैं जब महफ़िल में मेरा नाम आता है ख़ुदा की देन है दीवानापन यूँ काम