दिल के तातार में यादों के अब आहू भी नहीं

dil ke tatar me yaadon ke ab aahoo bhi nahin

दिल के तातार में यादों के अब आहू भी नहीं आईना माँगे जो हम से वो परी रू

वो दिलनवाज़ है लेकिन नज़र शनास नहीं

wo dilnawaz hai lekin nazar shanas nahin

वो दिलनवाज़ है लेकिन नज़र शनास नहीं मेरा इलाज मेरे चारागर के पास नहीं, तड़प रहे हैं ज़बाँ

कुछ यादगार ए शहर ए सितमगर ही ले चलें

kuch yaadgaar e shahar e sitamgar hi le chale

कुछ यादगार ए शहर ए सितमगर ही ले चलें आए हैं इस गली में तो पत्थर ही ले

क्या ज़माना था कि हम रोज़ मिला करते थे

kya zamana tha ki hum roz mila karte the

क्या ज़माना था कि हम रोज़ मिला करते थे रात भर चाँद के हमराह फिरा करते थे, जहाँ

मुझे तुम शोहरतों के दरमियाँ गुमनाम लिख देना

mujhe tum shohraton ke darmiyan gumnam

मुझे तुम शोहरतों के दरमियाँ गुमनाम लिख देना जहाँ दरिया मिले बे आब मेरा नाम लिख देना, ये

कभी ख़िरद से कभी दिल से दोस्ती कर ली

kabhi khirad se kabhi dil se dosti

कभी ख़िरद से कभी दिल से दोस्ती कर ली न पूछ कैसे बसर हम ने ज़िंदगी कर ली,

बिछड़ते दामनों में फूल की कुछ पत्तियाँ रख दो

bichhadte daamnon me phool kee kuch pattiyan

बिछड़ते दामनों में फूल की कुछ पत्तियाँ रख दो तअल्लुक़ की गिराँबारी में थोड़ी नर्मियाँ रख दो, भटक

ग़ुरूब ए शाम ही से ख़ुद को यूँ महसूस करता हूँ

gurub e shaam hi se khud ko yun mahsus

ग़ुरूब ए शाम ही से ख़ुद को यूँ महसूस करता हूँ कि जैसे एक दिया हूँ और हवा

अपने घर के दर ओ दीवार को ऊँचा न करो

apne ghar ke dar o deewar ko ooncha na

अपने घर के दर ओ दीवार को ऊँचा न करो इतना गहरा मेरी आवाज़ से पर्दा न करो,

दयार ए दिल की रात में चराग़ सा जला गया

dayaar e dil kee raat me charag saa jala gaya

दयार ए दिल की रात में चराग़ सा जला गया मिला नहीं तो क्या हुआ वो शक्ल तो