ग़म की बारिश ने भी तेरे नक़्श को धोया नहीं

gam-ki-barish-ne

ग़म की बारिश ने भी तेरे नक़्श को धोया नहींतू ने मुझ को खो दिया मैं ने तुझे

गुरेज़ कर के मुसाफ़िर कोई गुज़र भी गया

gurez-kar-ke-musafir

गुरेज़ कर के मुसाफ़िर कोई गुज़र भी गयान जाने कैसे मेरी रूह में उतर भी गया, ये ज़ख्म

नख्ल ए ममनूअ के रुख दोबारा गया, मैं तो मारा गया

nakhl e mamnua ke

नख्ल ए ममनूअ के रुख दोबारा गया, मैं तो मारा गयाअर्श से फ़र्श पर क्यूँ उतारा गया ?

तरसती आँखे, उदास चेहरा, नजिफ लहज़े, बगैर तेरे…

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तरसती आँखे, उदास चेहरा, नजिफ लहज़े, बगैर तेरेबिखरी ज़ुल्फे, लिबास उजड़ा, वज़ूद ख़स्ता, बगैर तेरे, अमीक़ जंगल, घप

जान ओ दिल हम उन्ही पे निसार करते है…

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जान ओ दिल हम उन्ही पे निसार करते हैहाँ है इक़रार सिर्फ उन्हें ही प्यार करते है, बंद

लम्हे लम्हे के सियासत पर नज़र रखते है

Lamhe lamhe ki siyasat

लम्हे लम्हे के सियासत पर नज़र रखते हैहमसे दीवाने भी दुनियाँ की ख़बर रखते है, इतने नादान भी

ताअज्ज़ुब है अँधे आईना दिखा रहे है…

mujh me hai khamiyan

मुझ में है खामियाँ मुज़रिम बता रहे हैताअज्ज़ुब है अँधे आईना दिखा रहे है, ज़ुल्म तो ये है

मुहब्बत की झूठी अदाओं पे साहब

Mohabbat ki jhuthi adaaon

मुहब्बत की झूठी अदाओं पे साहबजवानी लुटाने की कोशिश न करना, बड़े बेमुरौत होते है ये हुस्न वालेकही

किसी की आँखों में ऐसा कभी ख़ुमार न था

kisi ki aankhon me

किसी की आँखों में ऐसा कभी ख़ुमार न थाकि जिसका सारे जहाँ में कोई उतार न था, न

मंज़िल पे न पहुँचे उसे रस्ता नहीं कहते

manzil pe naa pahunche

मंज़िल पे न पहुँचे उसे रस्ता नहीं कहतेदो चार क़दम चलने को चलना नहीं कहते इक हम हैं