अब ख़ाक तो किया है दिल को जला जला कर

ab khaaq to kiya

अब ख़ाक तो किया है दिल को जला जला कर करते हो इतनी बातें क्यूँ तुम बना बना

मुकम्मल मोहब्बत का दस्तूर देखा

Muqammal Mohabbat ka dastur

मुकम्मल मोहब्बत का दस्तूर देखा यहीं सारी दुनिया को मजबूर देखा, हर एक सम्त मैंने नया तूर देखा

मुश्किल है पता चलना क़िस्सों से मोहब्बत का

Mushkil hai pata chalna

मुश्किल है पता चलना क़िस्सों से मोहब्बत का अंदाज़ा मुसीबत में होता है मुसीबत का, है नज़अ के

है आम अज़ल ही से फ़ैज़ान मोहब्बत का

Hai aam azal hi

है आम अज़ल ही से फ़ैज़ान मोहब्बत का इम्कान मुसल्लम है इम्कान मोहब्बत का, तोड़ा नहीं जा सकता

कर्ब चेहरे से मह ओ साल का धोया जाए

Karb Chehre se mah

कर्ब चेहरे से मह ओ साल का धोया जाए आज फ़ुर्सत से कहीं बैठ के रोया जाए, फिर

तुम से मिलते ही बिछड़ने के वसीले हो गए

Tum se Milte hi

तुम से मिलते ही बिछड़ने के वसीले हो गए दिल मिले तो जान के दुश्मन क़बीले हो गए,

हालत ए हाल के सबब हालत ए हाल ही गई

Halat e haal ke

हालत ए हाल के सबब हालत ए हाल ही गई शौक़ में कुछ नहीं गया शौक़ की ज़िंदगी

तुम आए हो न शब ए इंतिज़ार गुज़री है

Tum Aye ho na

तुम आए हो न शब ए इंतिज़ार गुज़री है तलाश में है सहर बार बार गुज़री है, जुनूँ

बे क़रारी सी बे क़रारी है

Be Qarari see Be

बे क़रारी सी बे क़रारी है वस्ल है और फ़िराक़ तारी है, जो गुज़ारी न जा सकी हम

गुलाबी होंठों पे मुस्कराहट

Gulabi Honthon pe Muskurahat

गुलाबी होंठों पे मुस्कराहट सजा के मिलते तो बात बनती, वो चाँद चेहरे से काली ज़ुल्फें हटा के