बिगड़ने वाला किसी दिन सँवर ही जाएगा

bigadne wala kisi din

बिगड़ने वाला किसी दिन सँवर ही जाएगा मिज़ाज ए दोस्त बिल आख़िर सुधर ही जाएगा, मरीज़ ए इश्क़

शेर बनाना मेंरा ख़ुद को बनाना भी है

sher banana mera khud

शेर बनाना मेंरा ख़ुद को बनाना भी है ये जो है अल्फ़ाज़ में मेरा ज़माना भी है, तुझको

तमाम शहर की ख़ातिर चमन से आते हैं

tamam shahar ki khatir

तमाम शहर की ख़ातिर चमन से आते हैं हमारे फूल किसी के बदन से आते हैं, हम उन

तेरा भला हो तू जो समझता है मुझ को ग़ैर

tera bhala ho tu

तेरा भला हो तू जो समझता है मुझ को ग़ैर आँखों पे आँखें रख तो कि कर लूँ

तुझ से मिल कर तो ये लगता है कि ऐ अजनबी दोस्त

tujh se mil kar

तुझ से मिल कर तो ये लगता है कि ऐ अजनबी दोस्त तू मेंरी पहली मोहब्बत थी मेंरी

तेरे हुस्न की ख़ैर बना दे एक दिन का सुल्तान मुझे

tere husn ki khair

तेरे हुस्न की ख़ैर बना दे एक दिन का सुल्तान मुझे आँखों को बस देखने दे और होंठों

ख़ुशी देखते हैं न ग़म देखते हैं

khushi dekhte hai na

ख़ुशी देखते हैं न ग़म देखते हैं हम अंदाज़ ए अहल ए करम देखते हैं, हर एक शय

माशूक़ अजब चीज़ है दे जिसको ख़ुदा दे

mashooq azab chij hai

माशूक़ अजब चीज़ है दे जिसको ख़ुदा दे हँसते को रुला दे यही रोते को हँसा दे, मशहूर

हम को किस के ग़म ने मारा ये कहानी फिर सही

hum ko kis ke

हम को किस के ग़म ने मारा ये कहानी फिर सही किस ने तोड़ा दिल हमारा ये कहानी

उदासी आसमाँ है दिल मिरा कितना अकेला है

udaasi aasmaan hai dil

उदासी आसमाँ है दिल मिरा कितना अकेला है परिंदा शाम के पुल पर बहुत ख़ामोश बैठा है, मैं