यार के सामने अग़्यार बुरे लगते हैं

yaar ke saamne agyaar

यार के सामने अग़्यार बुरे लगते हैं फूल होता है जहाँ ख़ार बुरे लगते हैं रात के फूल

आएगा कोई चल के ख़िज़ाँ से बहार में

aayega koi chal ke

आएगा कोई चल के ख़िज़ाँ से बहार में सदियाँ गुज़र गई हैं इसी इंतिज़ार में, छिड़ते ही साज़

नील गगन में तैर रहा है उजला उजला पूरा चाँद

neel gagan me tair

नील गगन में तैर रहा है उजला उजला पूरा चाँद माँ की लोरी सा बच्चे के दूध कटोरे

अच्छी नहीं ये ख़ामुशी शिकवा करो गिला करो

achchi nahin ye khamushi

अच्छी नहीं ये ख़ामुशी शिकवा करो गिला करो यूँ भी न कर सको तो फिर घर में ख़ुदा

उस को खो देने का एहसास तो कम बाक़ी है

us ko kho dene

उस को खो देने का एहसास तो कम बाक़ी है जो हुआ वो न हुआ होता ये ग़म

तू क़रीब आए तो क़ुर्बत का यूँ इज़हार करूँ

tu qareeb aaye to

तू क़रीब आए तो क़ुर्बत का यूँ इज़हार करूँ आइना सामने रख कर तेरा दीदार करूँ, सामने तेरे

बात ऐसी तो करो दिल पे असर कोई करे

baat aisi to karo

बात ऐसी तो करो दिल पे असर कोई करे बिन तेरे कैसे जीया तुझ को ख़बर कोई करे,

हम ने काटी हैं तेरी याद में रातें अक्सर

hum ne kaati hai

हम ने काटी हैं तेरी याद में रातें अक्सर दिल से गुज़री हैं सितारों की बरातें अक्सर, और

तू इस क़दर मुझे अपने क़रीब लगता है

tu is qadar mujhe

तू इस क़दर मुझे अपने क़रीब लगता है तुझे अलग से जो सोचूँ अजीब लगता है, जिसे न

है जुस्तुजू कि ख़ूब से है ख़ूबतर कहाँ

hai justazoo ki khoob

है जुस्तुजू कि ख़ूब से है ख़ूबतर कहाँ अब ठहरती है देखिए जा कर नज़र कहाँ हैं दौर