किसी से ख़ुश है किसी से ख़फ़ा ख़फ़ा सा है

kisi se khush hai kisi se khafa

किसी से ख़ुश है किसी से ख़फ़ा ख़फ़ा सा है वो शहर में अभी शायद नया नया सा

जहाँ न तेरी महक हो उधर न जाऊँ मैं

jahan na teri mahak ho udhar na

जहाँ न तेरी महक हो उधर न जाऊँ मैं मेरी सरिश्त सफ़र है गुज़र न जाऊँ मैं, मेरे

तेरा सच है तेरे अज़ाबों में

tera sach hai tere azaabon me

तेरा सच है तेरे अज़ाबों में झूठ लिखा है सब किताबों में, एक से मिल के सब से

कच्चे बख़िये की तरह रिश्ते उधड़ जाते हैं

kachche bakhiye ki tarah rishte

कच्चे बख़िये की तरह रिश्ते उधड़ जाते हैं लोग मिलते हैं मगर मिल के बिछड़ जाते हैं, यूँ

कितनी तरकीबें कीं बातिन के लिए

kitni tarkiben ki baatin ke

कितनी तरकीबें कीं बातिन के लिए नून साकिन मीम साकिन के लिए, मेरे अपने मुझ से जब बरहम

तू मुझ को सुन रहा है तो सुनाई क्यूँ नहीं देता

tu mujh ko sun raha hai

तू मुझ को सुन रहा है तो सुनाई क्यूँ नहीं देता ये कुछ इल्ज़ाम हैं मेरे सफ़ाई क्यूँ

किसी भी शय पे आ जाने में कितनी देर लगती है

kisi bhi shay pe aa jaane me

किसी भी शय पे आ जाने में कितनी देर लगती है मगर फिर दिल को समझाने में कितनी

है बहुत मूड में इस वक़्त दिल ए ज़ार चलो

hai bahut mood me

है बहुत मूड में इस वक़्त दिल ए ज़ार चलो तुम मेरे साथ चलो और लगातार चलो, भाड़

जैसा हूँ स्वीकार तुम्हीं तो करती हो

jaisa hoon sweekaar tumhin to

जैसा हूँ स्वीकार तुम्हीं तो करती हो बिना शर्त के प्यार तुम्हीं तो करती हो, अपनी दिलकश अदा

ज़ख़्मों ने मुझ में दरवाज़े खोले हैं

zakhmon ne mujh me darwaze

ज़ख़्मों ने मुझ में दरवाज़े खोले हैं मैंने वक़्त से पहले टाँके खोले हैं, बाहर आने की भी