ग़ज़ब किया तेरे वादे पे एतिबार किया

gazab kiya tere waade pe aitibar kiya

ग़ज़ब किया तेरे वादे पे एतिबार किया तमाम रात क़यामत का इंतिज़ार किया, किसी तरह जो न उस

जाती हुई लड़की को सदा देना चाहिए

jaati hui ladki ko sada dena chahiye

जाती हुई लड़की को सदा देना चाहिए घर हो तो बुरा क्या है पता देना चाहिए, होंटों के

और कोई चारा न था और कोई सूरत न थी

aur koi chaara na tha aur koi surat na thi

और कोई चारा न था और कोई सूरत न थी उस के रहे हो के हम जिस से

यूँ तो कम कम थी मोहब्बत उस की

yun to kam kam thi mohabbat us ki

यूँ तो कम कम थी मोहब्बत उस की कम न थी फिर भी रिफ़ाक़त उस की, सारे दुख

गुलों के दरमियाँ अच्छी लगी हैं

gulon ke darmiyan achchi lagi hai

गुलों के दरमियाँ अच्छी लगी हैं हमें ये तितलियाँ अच्छी लगी हैं, गली में कोई घर अच्छा नहीं

कल रात सूनी छत पे अजब सानेहा हुआ

kal raat sooni chhat pe azab saaneha hua

कल रात सूनी छत पे अजब सानेहा हुआ जाने दो यार कौन बताए कि क्या हुआ ? नज़रों

एक लड़का था एक लड़की थी

ek ladka tha ek ladki thi aage allah ki marzi thi

एक लड़का था एक लड़की थी आगे अल्लाह की मर्ज़ी थी, पहला फूल खिला था दिल में लहू

मैं अपना नाम तेरे जिस्म पर लिखा देखूँ

main apna naam tere jism par likha dekhoon

मैं अपना नाम तेरे जिस्म पर लिखा देखूँ दिखाई देगा अभी बत्तियाँ बुझा देखूँ, फिर उस को पाऊँ

क्यूँ न महकें गुलाब आँखों में ?

kyun na mahke gulab aankhon me

क्यूँ न महकें गुलाब आँखों में ? हम ने रखे हैं ख़्वाब आँखों में, रात आई तो चाँद

ऐसे न बिछड़ आँखों से अश्कों की तरह तू

aise na bichhad aankhon se ashko ki tarah

ऐसे न बिछड़ आँखों से अश्कों की तरह तू आ लौट के आ फिर तेरी यादों की तरह